यूं
तो वेस्ट यूपी की सभी दस संसदीय सीटों पर बढ़ा मतदान बदलाव का संकेत दे
रहा है लेकिन सर्वाधिक चर्चा में बागपत सीट है।
यहां जीत-हार को लेकर
अटकलों का बाजार खूब गरमाया हुआ है। भाजपाई दावा कर रहे हैं कि इस बार
इतिहास बदलने जा रहा है।
भाजपा प्रत्याशी और मुंबई पुलिस के पूर्व कमिश्नर
डॉ. सत्यपाल सिंह पर छपरौली क्षेत्र के एक गांव में रालोद समर्थकों के हमले
को भाजपाई उनकी बौखलाहट का नतीजा बता रहे हैं।
इसके विपरीत रालोद समर्थक
हैं कि मतदान के रुझान से अजित सिंह की जीत में कोई संदेह मानने को तैयार
नहीं हैं। छपरौली में तो वे इकतरफा मतदान का दावा कर रहे हैं।
यह सीट इतनी
हॉट हो गई है कि पश्चिमी यूपी के दूसरे जिलों के लोग भी बागपत, मेरठ में
फोन कर अजित का हाल पूछ रहे हैं।
अखबारनवीस बढ़े मतदान का आकलन करने में
जुटे हैं। देखना है, ऊंट किस करवट बैठता है, कमल खिलता है या हैंडपंप से
पानी की धार बहती है।