लखनऊ। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) ने अपने यहां सफल एआई मंथन के आयोजन के बाद एआई तकनीकी के इस्तेमाल को बढ़ाने में जुट गया है। इसी क्रम में विश्वविद्यालय की ओर से जल्द ही एआई तकनीकी से सेमेस्टर परीक्षाओं की कॉपियों का मूल्यांकन कराएगा। इससे मूल्यांकन की गुणवत्ता में न सिर्फ वृद्धि होगी बल्कि जल्द परिणाम भी जारी हो सकेगा।
यह जानकारी एकेटीयू कुलपति प्रो. जेपी पांडेय ने इनोवेशन हब की ओर से शनिवार को आयोजित एआई प्री समिट एंगेजमेंट कार्यक्रम में दी। प्रो. पांडेय ने शिक्षा प्रणाली में एआई की भूमिका पर चर्चा की। किस प्रकार एआई कॉपी जांचने, छात्रों की सीखने की प्रवृत्ति को समझने तथा शिक्षण-प्रशिक्षण को अधिक प्रभावी बनाने में सहायक सिद्ध हो सकता है।
इनोवेशन हब यूपी के चेयरमैन केशव सिंह ने अपने अनुभव साझा करते हुए एआई के प्रशासनिक व पेशेवर प्रयोगों पर चर्चा की। प्रो. बीएन मिश्रा निदेशक इनोवेशन हब यूपी फाउंडेशन ने स्टार्टअप समर्थन तंत्र तथा विश्वविद्यालय-उद्योग सहयोग की भूमिका पर विस्तार से जानकारी दी। तकनीकी सत्र में इंटरनेशनल कॉलेज फॉर सिक्योरिटी स्टडीज के उपाध्यक्ष विजय कुमार ने ट्रांसलेशन रिसर्च एंड कॉमर्शियलाइजेशन ऑफ इनोवेशन की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि किस प्रकार अकादमिक शोध को व्यावहारिक उत्पादों व सेवाओं में बदला जा सकता है। एआई आधारित टूल शोध, नवाचार एवं तैनाती की प्रक्रिया को तेज़ बनाते हैं। एसोसिएट डीन इनोवेशन व इंटरप्रेन्योरशिप डॉ. अनुज कुमार शर्मा व महीप सिंह सीईओ इनोवेशन हब द्वारा उच्च शिक्षा संस्थानों में एआई आधारित कौशल विकास, स्टार्टअप अवसरों व उद्योग-अकादमिक सहयोग की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
इसके साथ ही विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों डॉ. गौरव मिश्रा, डॉ. अभिनेश कुमार, शुभम राय व शिवानी मेहरोत्रा ने पैनल चर्चा में उच्च शिक्षा संस्थानों में एआई के माध्यम से विज्ञान, अनुसंधान व नवाचार को सशक्त बनाने की जानकारी दी। कार्यक्रम में इनोवेशन हब की सीआईओ वंदना शर्मा ने मॉडरेशन, समन्वय सूरज वर्मा व पैनल चर्चा का संचालन संजीव कुमार मिश्रा ने किया।
इनोवेशन हब की ओर से शनिवार को आयोजित एआई प्री समिट एंगेजमेंट कार्यक्रम।