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सपा को पांच साल और मिलने चाहिए: अखिलेश

Tue, 24 Mar 2015 01:41 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि तीन साल में सपा सरकार ने घोषणापत्र के सभी वादे पूरे कर दिए हैं। अगले दो साल ऐसे काम करेंगे जिनसे जनता को फायदा हो। संकल्प लेना होगा कि हमें उसके बाद पांच साल और सरकार चलाने का मौका मिले।
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डॉ. लोहिया के साथ ही मुख्यमंत्री ने भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु की शहादत को याद किया। उन्होंने सरकार के काम गिनाते हुए कहा कि सड़क, बिजली और पानी के क्षेत्र में बेहतर काम हुआ है।

आगरा एक्सप्रेस- वे का निर्माण चल रहा है 2016 में गांवों को 16 और शहरों को 22 से 24 घंटे बिजली मिलने लगेगी। स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण काम किए हैं।
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सरकार के काम को बताएंगे तो जनता में संदेश जाएगा और उसका सहयोग मिलेगा। आने वाले पांच साल और सपा सरकार रहनी चाहिए। सरकार की उपलब्धियां बहुत हैं लेकिन कार्यकर्ताओं का व्यवहार और भाषा कैसी रहती है, इस पर बहुत निर्भर करता है। 2017 में सर्वाधिक वोटर युवा होंगे।

यूपी का चुनाव सबसे ज्यादा युवा वोटर तय करेंगे। मुख्यमंत्री ने सुबह विक्रमादित्य मार्ग स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया ट्रस्ट में उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर राजनीतिक पेंशन मंत्री राजेन्द्र चौधरी भी मौजूद थे।

योजनाओं की जानकारी देने को बनाएंगे ‘एप’
सीएम ने कहा, अब जमाना बदल रहा है। डॉ. लोहिया पर ई-बुक से मोबाइल, कंप्यूटर, टीवी के जरिये उनके बारे में जानकारी पा सकते हैं। सपा और सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के लिए एप बनाया जाएगा। बदलते दौर में कैसे खड़े दिखाई दें, इस पर काम होगा। कहा, गन्ना मूल्य भुगतान में दिक्कतें आई हैं। चीनी के बाजार का मंदा होना मुख्य वजह है। सरकार ने किसानों की पहले भी मदद की और इस बार भी होगी।

विपक्ष की ताकत के शिल्पकार थे लोहिया : नाईक

राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि डॉ. राममनोहर लोहिया विपक्ष की ताकत के शिल्पकार थे। कांग्रेस के खिलाफ उन्होंने सभी धाराओं को एकजुट किया। राज्यपाल ने कहा कि लोहिया प्रसिद्ध समाजवादी विचारक, लेखक, भाषाकार, अर्थशास्त्री एवं मौलिक चिंतन करने वाले दार्शनिक राजनेता थे। उन्होंने स्वाधीनता आंदोलन में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया।

उनका, उनसे पुराना संपर्क रहा है। डॉ. लोहिया में विपक्ष को साथ लेकर चलने की अद्भुत क्षमता थी। उनका रहन-सहन सादगी भरा था। शिक्षा ग्रहण करने के लिए उन्होंने इंग्लैंड जाने से इसलिए मना कर दिया था कि जिस देश ने उनकी मातृभूमि को गुलाम बना रखा है, वहां पढ़ने का कोई औचित्य नहीं। उन्होंने अपनी पढ़ाई जर्मनी में की।

राज्यपाल ने कहा, लोहिया का मानना था कि मार्क्सवाद में कहीं खामी है जो संसार को शोषण से मुक्ति नहीं दिला सकता। उन्होंने ‘मार्क्सवाद के बाद अर्थशास्त्र’ विषय पर पुस्तक भी लिखी। कई विदेशी भाषाओं पर उनका प्रभुत्व था।

वह चाहते थे कि हिंदी व क्षेत्रीय भाषाओं का ज्यादा से ज्यादा प्रयोग हो। उन्होंने ही चित्रकूट में रामायण मेले की कल्पना की थी। उनका मानना था कि रामायण सांस्कृतिक जीवन में सर्वोपरि है। इसके आयोजन से देश में एकता व सौहार्द की भावना जगेगी।
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समाजवादी विचारधारा वालों से की पढ़ने की अपील

समारोह में मुलायम ने प्रो. रामगोपाल यादव की पुस्तक ‘डॉ. लोहिया और उनका समाजवाद’ का लोकार्पण किया। उन्होंने समाजवादी विचारधारा में विश्वास रखने वाले सभी लोगों से इसे पढ़ने की अपील की।

सूचना विभाग द्वारा संपादित पुस्तिकाओं ‘पूरे हुए वादे-अब हैं नए इरादे’ तथा ‘न्याय और समता के प्रेरक-महापुरुष’ का विमोचन भी हुआ। मुख्यमंत्री ने समाजवादी चिंतन सभा के अध्यक्ष दीपक मिश्र की ई-बुक का लोकार्पण किया।

लोहिया के विचारों को अपनाएं युवा
विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि लोहिया हमेशा अन्याय के खिलाफ  संघर्ष की बात कहते थे। युवाओं को उनके विचारों पर अमल करते हुए आगे बढ़ना चाहिए।

सपा महासचिव प्रो. रामगोपाल यादव ने लोहिया को महान भविष्यद्रष्टा बताते हुए कहा, उन्होंने जिन बातों की भविष्यवाणी की थी, वे सभी सही सिद्ध हो रही हैं।

लोनिवि मंत्री शिवपाल यादव ने लोहिया को समाजवादी के साथ महान अर्थशास्त्री बताते हुए कहा, वर्तमान पीढ़ी को समाजवाद के बारे में पढ़ना चाहिए। राज्यसभा सदस्य जया बच्चन ने कहा, जब वह सपा से जुड़ीं तो नेताजी कहते थे कि अंग्रेजी कम बोलना। अंग्रेजी व्यापार की जबकि हिंदी संघर्ष की भाषा है।
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