सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सबसे बड़े मंदिर संगठन कहे जाने वाले इस्कॉन पर लगाए गए आरोपों को वीभत्स करार दिया है और इस पर भाजपाइयों से जवाब मांगा है।
उन्होंने सोशल मीडिया साइट एक्स (पहले ट्वटिर) पर कहा कि भाजपाइयों ने पहले भूमाफ़ियों से मिलकर राधास्वामी सत्संग को निशाना बनाया और भाजपा के लोग अब गोपालक भगवान कृष्ण के उपासकों पर ही कसाइयों को गाय बेचने का वीभत्स आरोप लगा रहे हैं।
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विश्वभर के इस्कॉन के अनुयायी इस आरोप से व्यथित और दुखी हैं। भाजपा सरकार को स्पष्टीकरण देना ही होगा क्योंकि इसका संबंध सिर्फ़ प्रदेश व देश से ही नहीं है बल्कि अंतरराष्ट्रीय छवि से भी है क्योंकि कृष्ण चेतना को समर्पित इस्कॉन का विस्तार सम्पूर्ण विश्व में है।
जनता का सवाल ये है कि भाजपा के लोग किस वजह से समाज में ऐसा वैमनस्य फैलाना चाहते हैं और किसके कहने पर? इस्कॉन पर आरोप किसी बड़े षड्यंत्र का संकेत है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी का इस्कॉन को लेकर एक बयान सोशल मीडिया पर वायरल है। वीडियो में मेनका को कहते हुए सुना जा सकता है, 'भारत में इस समय सबसे बड़ा धोखेबाज इस्कॉन है। उन्होंने गोशालाएं स्थापित कीं, जिन्हें चलाने के लिए उन्हें सरकार की तरफ से अनगिनत फायदे मिलते हैं। उन्हें बड़ी जमीनें मिलती हैं।' इस पर विवाद खड़ा हो गया है।
मेनका गांधी ने इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्ण कॉन्शसनेस (इस्कॉन) पर हमला किया। उन्होंने इस्कॉन को देश का 'सबसे बड़ा धोखेबाज' संगठन बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस्कॉन अपनी गौशालाओं की गायों को कसाइयों को बेचता है। हालांकि, इन आरोपों का इस्कॉन ने भी जवाब दिया है। उसने आरोपों को 'निराधार और झूठा' करार दिया।