समाजवादी वचन पत्र सत्य और अटूट : अखिलेश
बोले, समाजवादियों ने जो कहा उसे करके दिखाया
कहा, भाजपा को अपना नाम बदल लेना चाहिए
अमर उजाला ब्यूरो
लखनऊ।
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी वचन पत्र सत्य और अटूट है। समाजवादियों ने जो कहा, उसे करके दिखाया। इस पत्र में दर्ज हर वाक्य का सरकार बनते ही पूरा करने की कार्यवाही शुरू कर दी जाएगी। वर्ष 2012 से 2017 के बीच किए गए वादे पूरे किए गए। कई ऐसे भी कार्य हुए जो सपा के घोषणा पत्र में नहीं थे।
प्रदेश कार्यालय में मंगलवार को 22 में 22 संकल्प की घोषणा क रते हुए सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इसे सत्य वचन और अटूट वादा की संज्ञा भी दी। समाजवादी वचन पत्र जारी करते हुए अखिलेश ने कहा कि उत्तर प्रदेश बदलाव की ओर देख रहा है। एक नया सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिवर्तन लाने के लिए और वचन पत्र को पूर्ण कर उत्तर प्रदेश को देश में अग्रणी बनाने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं। उन्होंने कहा कि समाजवादी वचन पत्र सत्य और अटूट है। समाजवादी पार्टी ने हमेशा अपने वादों को पूरा किया है।
अखिलेश यादव ने ट्वीट कर कहा कि जिनके वादे जुमले हैं, बातें झूठी हैं और जो हर बार जनता को झांसा देते हैं…वो घोषणा पत्र निकालें, संकल्प पत्र, वचन पत्र या शपथ पत्र…उत्तर प्रदेश की जनता अब विश्वास नहीं करेगी। भाजपा भरोसा खो चुकी है। किसान लखीमपुर, महिला हाथरस, युवा इलाहाबाद, व्यापारी गोरखपुर व आम जनता कोरोना नहीं भूलेगी।
उन्होंने कहा कि भाजपा हमेशा झूठ बोलती है। अब उसे अपना नाम बदल लेना चाहिए। पहले भी उन्होंने अपने घोषणा पत्र को पलट कर नहीं देखा था और आगे देखने की नौबत नहीं आएगी। पोस्टल बैलेट के मामले और अधिकारियों के भाजपा के इशारे पर काम करने, मतदान प्रभावित करने की शिकायतें चुनाव आयोग से की गई है। भरोसा है कि चुनाव आयोग गंभीरता से लेगा और कार्रवाई करेगा। उन्होंने कहा कि कमिश्नर प्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। ड्यूटी पर रहकर भाजपा का कार्य करने वाले अधिकारी से क्या उम्मीद की जा सकती है। सपा सरकार बनने पर पूरे मामले की समीक्षा की जाएगी।