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अखिलेश यादव को रास नहीं आया राहुल गांधी का पीएम मोदी के गले लगना !

Sun, 22 Jul 2018 04:08 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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अखिलेश यादव ने किया राहुल गांधी का बचाव - फोटो : अमर उजाला
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शाहजहांपुर में किसान कल्याण रैली को संबोधित करने पहुंचे प्रधानमंत्री से सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक के बाद एक कई सवाल पूछे। शनिवार को अपने ट्वीटर हैंडल पर लिखते हुए उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता किसान कल्याण रैली करके झूठे वादे करने की नहीं है, बल्कि ये बताने की है कि जो न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) घोषित किया गया है, वह सरकार कब, कैसे और किसके माध्यम से देगी।

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इसके अलावा अखिलेश यादव ने सपा सरकार द्वारा ग्रेटर नोएडा में प्रस्तावित आम, अनाज व सब्जी मंडी के निर्माण में हो रही देरी पर भी प्रदेश सरकार को घेरा। उन्होंने पूछा कि ये मंडियां अभी तक क्यों नहीं बनायी गई हैं। इतना ही नहीं किसानों के ऋण माफी के दावे को झूठा साबित करते हुए कहा कि किसान अभी तक ऋण माफी का इंतजार कर रहे हैं।

बताते चलें कि शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शाहजहांपुर में किसान कल्याण रैली को संबोधित करने पहुंचे थे। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री केशव मौर्य, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष डॉ महेंद्र नाथ पांडेय समेत कई नेता वहां मौजूद रहे।
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शुक्रवार को लोकसभा में राहुल गांधी के भाषण और गले लगने को लेकर प्रधानमंत्री ने तीखे प्रहार किए। उन्होंने कहा कि कुछ दलों के अलावा पूरे देश को मोदी पर विश्वास है। हमने जब जब उनसे उनके अविश्वास का कारण पूछा तो बजाए कि कारण बताने के वह मेरे गले पड़ गए।

महागठबंधन पर व्यंग्य कसते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जितने दल एक साथ होंगे, उतना ही दलदल होगा और कमल दलदल में ही खिलता है। किसानों के सहारे कांग्रेस पर वार करते हुए प्रधानमंत्री बोले कि हमने न्यूनतम समर्थन मूल्य में भारी बढ़ोतरी की है। यह मौका उनके पास भी था जो आज किसानों के नाम पर घड़ियालू आंसू बहा रहे हैं, लेकिन उन्हें इस काम के लिए फुरसत ही नहीं मिली।

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बशीर बद्र के जरिए राहुल को नसीहत

लोकसभा में राहुल गांधी का प्रधानमंत्री मोदी के गले लगना शायद अखिलेश यादव को रास नहीं आया। शनिवार को अपने ट्वीटर हैंडल से बशीर बद्र की एक रचना साझा कर उन्होंने जो संदेश देना चाहा उसके निशाने पर राहुल ही नजर आये। हालांकि उन्होंने इसके साथ कोई व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं की, लेकिन हालात को देखते हुए अंदाजा यही लगाया जा रहा है कि अखिलेश ने बिना कुछ कहे राहुल गांधी को हल्के फुल्के अंदाज में ही सही पर बड़ी सलाह दी है। पोस्ट कुछ इस प्रकार है- कोई हाथ भी न मिलाएगा जो गले मिलोगे तपाक से ये नए मिज़ाज का शहर है ज़रा फ़ासले से मिला करो। 

 
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