दुर्गाशक्ति का मामला राज्य के मुख्यमंत्री अखिलेश और सपा सरकार के लिए मुसीबत बनता जा रहा है।
दुर्गा से जुड़े सवाल अखिलेश का कहीं भी पीछा नहीं छोड़ रहे हैं। मंगलवार सुबह अखिलेश यादव कामधेनु डेयरी योजना का शुभारंभ करने पहुंचे थे।
यहां भी उन्होंने लखनऊ में दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ के परिसर में 25 टन प्रतिदिन क्षमता के आटोमेटिक फ्लेवर्ड मिल्क प्लांट का शिलान्यास किया।
यहां भी उन्होंने खुद को दुर्गा निलंबन मामले से जुड़े सवालों से घिरा पाया।
जैसे ही अखिलेश कुक्कुट विकास योजना के लाभार्थियों को चयन पत्र सौंपकर पत्रकारों से मुखातिब हुए, सवालों की बारिश होने लगी।
एक पत्रकार के सवाल पर अखिलेश बिफर पड़े और बोले, 'आप मोबाइल पर मैसेज देखकर सवाल क्यों पूछते हैं? मैं ऐसे सवालों का जवाब नहीं दूंगा।' इतना ही नहीं, अखिलेश यह भी बोल गए, 'मेरे पास भी मैसेज आया है कि मेरी लोकप्रियता घट रही है।'
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के बयान पर अखिलेश ने कहा कि दुर्गाशक्ति मामले पर संसद में पार्टी के बहुत से लोग मौजूद हैं। सदन में नेता जी यानी मुलायम सिंह यादव ही इस मामले पर पार्टी का पक्ष रखेंगे।
कार्यक्रम में मौजूद स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन भी दुर्गाशक्ति मामले को लेकर मीडिया और आईएएस एसोसिएशन पर बरसे। उन्होंने पत्रकारों की तरफ इशारा करते हुए कहा, 'हमें आपके बीच मौजूद कुछेक जो काली भेड़ हैं, उनकी पहचान करनी चाहिए।'