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हमीरपुर में छात्रा के आत्मदाह के बाद भारी बवाल,एसएसपी सस्पेंड

Mon, 27 Jul 2015 08:58 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,लखनऊ
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छेड़खानी से आहत छात्रा के शनिवार को आत्मदाह करने के बाद हमीरपुर में बवाल और पुलिस फायरिंग में युवक की मौत पर राज्य सरकार ने वहां के एसपी डीपी सिंह को सस्पेंड कर दिया है।
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पुलिस फायरिंग में युवक की मौत की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं। दोषियों को तत्काल गिरफ्तार करने को कहा है।

इस घटना में मृत लोगों के परिवारीजनों को पांच-पांच लाख रुपये की मदद की घोषणा की है। मुख्यमंत्री अखिलेश ने कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं की सुरक्षा के प्रति अत्यंत गम्भीर है। इसलिए इस तरह की घटनाओं में जो भी दोषी हैं उन्हें किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
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एसओ निलंबित,मुख्य आरोपी गिरफ्तार

हमीरपुर डीएम संध्या तिवारी ने कहा कि उपद्रव कर रही भीड़ पर फायरिंग का आदेश एसडीएम प्रवीणा अग्रवाल ने दिया था। इसकी मजिस्ट्रेटी जांच एसडीएम सदर रामसुरेश वर्मा करेंगे। जांच 15 दिनों में पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।

हमीरपुर बवाल के मामले में सस्पेंड किए गए एसपी ने इससे पहले बिवांर थानाध्यक्ष गिरेंद्र सिंह को निलंबित कर दिया था। प्रभारी आईजी जोन भगवान स्वरूप ने बताया कि छेड़खानी करने वाले मुख्य आरोपी जितेंद्र यादव को गिरफ्तार कर लिया गया है।

वहीं,बवाल करने वाले 17 लोगों को गिरफ्तार किया है। जबकि 34 को नामजद कर 900 अज्ञात लोगों पर केस दर्ज किया गया है।

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क्या है मामला

निवादा में 12वीं में पढ़ने वाली हमीरपुर के बिवांर की छात्रा स्वीकृति के साथ जितेंद्र यादव ने 25 जुलाई को छेड़छाड़ की। विरोध किया तो सरेराह लात-घूंसों से उसकी पिटाई कर जितेंद्र भाग निकला।

इससे आहत छात्रा ने आत्मदाह कर लिया। इससे लोगों का आक्रोश फूटा तो पुलिस ने फायरिंग कर दी। इसमें एक शख्स रोहित पांडेय की मौत हो गई थी।

आत्मदाह करने वाली छात्रा के परिवारीजनों का आरोप है कि पुलिस ने उनकी बेटी का शव उनसे जबरन छीनकर यमुना में फेंक दिया। यही नहीं,पुलिस पर गुप्त स्‍थान पर बंधक बनाने का भी आरोप लगाया।

उनका कहना है कि शनिवार रात जब वे छात्रा का शव सड़क पर रखकर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे,तभी पुलिस ने लाठीचार्ज कर खदेड़ दिया। शव छीनकर यमुना नदी में फेंक दिया।

वे गिड़गिड़ाते रहे पर पुलिस नहीं पसीजी। रविवार को जब केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति पहुंची तो पुलिस ने छात्रा के परिवारीजनों को छोड़ दिया। मृत छात्रा के माता-पिता जब सामने आए तो पुलिस की यह असलियत उजागर हुई। पुलिस के इस रवैये से लोगों में भारी आक्रोश है।
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