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हम न मजबूर हैं, न कमजोर और न भोले : अखिलेश

Sat, 22 Aug 2015 01:32 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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विधानसभा में शुक्रवार को कानून-व्यवस्था पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने विपक्षी दलों के आरोपों का करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा, हम न मजबूर हैं, न कमजोर और न भोले।
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अपराध नियंत्रण के लिए सरकार ने बेहतर काम किया। हम चाहते हैं कि कानून-व्यवस्था पर सरकार की छवि बने। इसके लिए और काम करना पड़ेगा।

अखिलेश यादव ने कहा, सरकार ने तीन महत्वपूर्ण काम हाथ में लिए थे। इन्फ्रास्ट्रक्चर कैसे बेहतर हो, गरीबों-पिछड़ों की स्थिति में कैसे सुधार हो और अपराध नियंत्रण एवं कानून-व्यवस्था को कैसे बेहतर बनाया जाए।

उन्होंने कहा, जब किसी महिला, बेटी या छात्रा के साथ कोई घटना होती है तो उन्हें भी तकलीफ होती है। विपक्षी दलों ने पुलिस की आलोचना की है, पर पुलिस ने कुछ अच्छे काम भी किए हैं।
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प्रदेश को बदनामी से बचाने की सलाह

अखिलेश ने कहा, वेस्ट यूपी और चित्रकूट में दो बड़े बदमाश मारे गए हैं। कई घटनाएं ऐसी होती है, जिनका प्रचार बहुत होता है लेकिन असलियत कुछ और निकलती है। मथुरा के एक मंदिर में चोरी हुई। इसके विरोध में महीनों धरना चला।

खुलासा हुआ तो इसमें वही लोग शामिल पाए गए जो धरना दे रहे थे। कन्नौज में बलात्कार के बाद हत्या के मामले में सच्चाई कौन नहीं जानता? मलिहाबाद और उन्नाव में जहरीली शराब से मौतों का मामला हो या दूसरी घटनाएं, सभी में पीड़ितों की मदद की गई।

दोषियों पर कार्रवाई भी हुई। उन्होंने विपक्षी दलों से कहा, प्रदेश को बदनामी से बचाने के लिए हर समय कानून-व्यवस्था का मुद्दा न उठाएं। सभी मिलकर प्रदेश को विकास की तरफ लेकर चलें।
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गंभीर मामलों में की त्वरित कार्रवाई

अखिलेश यादव ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि हम काम में आगे हैं और वे प्रचार में। शाहजहांपुर में पत्रकार जगेंद्र सिंह की मौत के मामले में सभी सच्चाई जानते हैं।

वे जगेंद्र के परिवार से मिले थे। हमीरपुर की घटना में भी पीड़ित परिवार से मिले थे। निष्पक्ष कार्रवाई करते हुए पुलिसकर्मी निलंबित किए गए, और भी कार्रवाई हुई।
 
कांवड़ यात्रा के दौरान डीजे बजाने को मुद्दा बनाए जाने पर सीएम ने कहा, भाजपा के लोग डीजे बजाना चाहते थे। यह मांग कानून-व्यवस्था खराब करने के लिए थी। वे डीजे पर आपको नचवाएंगे।  

मुख्यमंत्री ने नेता प्रतिपक्ष की तरफ इशारा करते हुए कहा कि इस पर न जाएं कि अखबार में क्या छपा है, टीवी पर क्या दिखाया जा रहा है। हम जानते हैं, खबरें कैसे दिखाई जाती हैं?

घटनाएं दूसरे प्रदेशों में भी होती हैं, बताइए कहां मुख्यमंत्री की फोटो दिखाई जाती है, लेकिन प्रदेश में कोई घटना हो जाए तो खबरों के साथ हमारी फोटो भी आती है। उन्होंने विपक्षी नेताओं से कहा कि वे प्रेस के चक्कर में न पड़ें। जनता तय करेगी, क्या होगा ?
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