मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में बढ़ोतरी विकास का असली पैमाना नहीं है। किसान के खेत में अगर कुछ पैदा न हो तो जीडीपी से विकास का आकलन कभी ठीक नहीं हो सकता।
उन्होंने हिंदी, उर्दू और संस्कृत के विकास में कोई कोर-कसर न छोड़ने का वादा किया। साथ ही केंद्र सरकार और भाजपा पर निशाना भी साधा।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव गुरुवार को यहां एसएनए सभागार में हुए ऑल इंडिया कैफी आजमी एकेडमी के कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।
इससे पहले उन्होंने एकेडमी की ओर से लेखन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देने वाली रक्षंदा जलील व रवींद्र वर्मा और थिएटर आर्टिस्ट नादिरा बब्बर को कैफी आजमी अवार्ड से सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार ने हिंदी, उर्दू और संस्कृत के क्षेत्र में दिए जाने वाले सभी अवार्ड बंद कर दिए थे। हमने इन्हें शुरू कराया। आम बोलचाल में हिंदी और उर्दू में अंतर कर पाना बहुत मुश्किल है।
उर्दू के सहारे संघ पर साधा निशाना
उन्होंने संघ परिवार का नाम लिए बिना कहा कि उर्दू समाज को जोड़ने वाली भाषा है, लेकिन समाजवादी जब यह बात कहते हैं तो दूसरी विचारधारा के लोग इसे कुछ और ही तरीके से प्रचारित करते हैं।
अखिलेश ने एक वाक्या सुनाते हुए कहा, एक बार शबाना आजमी ने वाराणसी से आजमगढ़ जाते समय खराब सड़क के बाबत ट्वीट कर दिया था तो विपक्षियों ने इसके लिए हमें जिम्मेदार ठहराया। बाद में पता चला कि वह तो नेशनल हाईवे है।
उन्होंने कहा कि लखनऊ कल्चर, आर्ट और क्वीजीन का केंद्र है। मेट्रो, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे और साइकिल ट्रैक इसके विकास में चार चांद लगा देंगे। एक्सप्रेस-वे शुरू होते ही सबसे ज्यादा पर्यटक यहीं आएंगे। आने वाले समय में लखनऊ सबसे सुंदर शहर बन सकता है।
महिला सशक्तीकरण से ही बदलेगी राष्ट्र की तस्वीर : शबाना
अभिनेत्री शबाना आजमी ने कहा कि एकेडमी का उद्देश्य है-मुल्क से गमों को दूर भगाना। मानव विकास सूचकांक ही विकास का असली पैमाना है। महिला सशक्तीकरण से ही राष्ट्र की तस्वीर बदल सकती है।
उन्होंने कला को सामाजिक बदलाव का सशक्त माध्यम बताते हुए कहा कि यह जेहन खोलने और जहनियत पैदा करने का काम करती है।
मुख्य सचिव आलोक रंजन ने कहा कि अभिनेत्री शबाना आजमी आजमगढ़ में स्थित अपने गांव मिजवा के विकास के लिए लगातार प्रयासरत रहती हैं। सपा सरकार किसानों और महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए काफी कुछ कर रही है।