सपा मुख्यालय पर अखिलेश यादव व अन्य सपा नेता।
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सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की मौजूदगी में सोमवार को पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की 91वीं जयंती मनाई गई। इस मौके पर अखिलेश ने भाजपा पर जमकर निशाना साधा।
उन्होंने कहा, मौजूदा समय में सपा के सामने भाजपा के झूठे प्रचार का मुकाबला करना बड़ी चुनौती है। इसके लिए सभी कार्यकर्ताओं को तैयार रहना होगा। नकली देशभक्त आज हम समाजवादियों को समझाने की कोशिश कर रहे हैं।
प्रदेश मुख्यालय के डॉ. लोहिया सभागार में चंद्रशेखर के चित्र पर माल्यार्पण करने के बाद कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए अखिलेश ने कहा, चंद्रशेखर बलिया के एक गांव से निकलकर प्रधानमंत्री के पद तक पहुंचे। उन्होंने हमेशा गांव, गरीब और किसानों के लिए संघर्ष किया। राष्ट्रहित उनकी प्राथमिकता में था।
उन्होंने देश भर का भ्रमण किया और समस्याओं के समाधान में रुचि ली। कहा, समाजवादी संतुलित विकास और विशेष अवसर के सिद्धांत के पक्षधर रहे हैं। गैर बराबरी के खिलाफ संघर्ष हमारी प्रतिबद्धता है। समाजवादी आंदोलन दीर्घकाल तक चलने वाला अभियान है। सपा जयप्रकाश, डॉ. लोहिया और चंद्रशेखर के रास्ते पर चलने वाली पार्टी है।
भाजपा की जनकल्याण में दिलचस्पी नहीं
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सपा मुखिया ने कहा, भाजपा की जनकल्याण में कोई दिलचस्पी नहीं है। इस सरकार ने तो 55 लाख गरीब महिलाओं की पेंशन ही बंद कर दी। भाजपा में गरीबों के प्रति संवेदनशीलता नहीं है।
भाजपा सरकार हमारे कार्यों से चिढ़ी हुई है। महिलाओं को सम्मान मिलना मानवीय मूल्य है। कहा कि भाजपा के झूठे प्रचार का मुकाबला करना एक बड़ी चुनौती है।
सपा सरकार की योजनाओं के बारे में भ्रम फैलाया जा रहा है। हमने जो भी विकास कार्य किए वह सबके हित में है। भाजपा सरकार कुछ नया करके तो दिखाए। अगर भाजपा हमारे कामों को ही आगे बढ़ा दे तो राज्य को उत्तम प्रदेश बनाने का सपना पूरा हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि सपा कार्यकर्ता सांप्रदायिकता का डटकर मुकाबला करेंगे। चंद्रशेखर की समाजवाद के प्रति अटूट निष्ठा थी। उनका स्मरण करते हुए हमें सपा को मजबूत बनाने के लिए संकल्प लेना होगा।
जनता को गुमराह कर बनी भाजपा सरकारें
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अन्य वक्ताओं ने कहा कि भाजपा सरकारें केंद्र और प्रदेश में जनता को गुमराह करके सत्ता में आई है। इनके पास अपनी कोई योजना नहीं है। वे बस बहकावे की राजनीति कर रहे हैं।
अखिलेश लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। कुछ ताकतें लोकतंत्र को कमजोर करना चाहती हैं।
समारोह में अहमद हसन, कुंवर रेवती रमण सिंह, राजेंद्र चौधरी, एसआरएस यादव, राममूर्ति वर्मा, उदयवीर सिंह, नितिन अग्रवाल, जयशंकर पांडेय, अरविंद कुमार सिंह, रामगोपाल पुरी, फिदा हुसैन अंसारी, तूफानी सरोज, आशा किशोर, मुकेश शुक्ला मौजूद रहे।