सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार गेहूं खरीद में श्वेत पत्र जारी करे, जिससे हकीकत सामने आए। खरीद में हर स्तर पर लापरवाही सामने आ रही है। गेहूं खरीद की तारीख बढ़ाने का दावा किया जा रहा है, जबकि ज्यादातर खरीद केंद्र बंद हो चुके हैं।
उन्होंने कहा कि किसान को न फसल का दाम मिला है और ना ही मुआवजा। महंगाई की मार ने उसकी कमर तोड़ दी है। सरकारी खरीद पोर्टल काम नहीं कर रहा है। किसान का खलिहान में रखा गेहूं भीगने से खराब हो रहा है तो कुछ क्रय केंद्र पर पड़ा है। रामपुर में क्रय केन्द्रों पर किसान भटक रहे हैं।
गेहूं की तौल में आनाकानी हो रही है। इटावा में उपकेंद्रों पर तौल बंद है। इसी तरह चीनी मिल मालिकों पर किसानों का करीब 20 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा बकाया है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार किसानों के हितों को लेकर जरा भी गंभीर नहीं है।
सांस्कृतिक कार्यकारिणी की घोषणा
अखिलेश यादव और प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम की संस्तुति पर सपा सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष धर्मेन्द्र सोलंकी भुर्जी ने कार्यकारिणी की घोषणा कर दी है। इसमें रवि रांझा को महासचिव, मजिबुल्ला राही, कमलाकांत प्रजापति, बिलाल खान, रमेश चंद्र को प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया है। इसी तरह अवधेश राजभर, सुमन पासवान, सिद्धांत यादव, महेन्द्र बच्चन, कुलकुला ढोलकिया को सचिव मनोनीत किया गया है। इसके अलावा 25 कार्यकारिणी सदस्य बनाए गए हैं।