सपा अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा ने लोकतंत्र का चेहरा बिगाड़ दिया है। सरकार पूरी तरह पब्लिक सेक्टर के संस्थानों को बेचने में लग गई है। राष्ट्रीय संपत्ति की बिक्री और लाभकारी संस्थाओं को पूंजी घरानों का बंधक बनाने को विमुद्रीकरण और विनिवेश की संज्ञा देकर जनता को भरमाने का काम किया जा रहा है। भाजपा में देश संभालने की क्षमता नहीं है। वह रविवार को पार्टी मुख्यालय में वित्तविहीन शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल के अलावा विभिन्न जिलों से आए कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे।
अखिलेश ने कहा कि 2022 में उत्तर प्रदेश की लड़ाई बहुत महत्वपूर्ण होगी। एक तरह से यहां लोकतंत्र की अग्निपरीक्षा होनी है। बूथ की लड़ाई बड़ी है। उन्होंने आह्वान किया कि अगले विधानसभा चुनावों में समाजवादी पार्टी की सरकार बनाने के लिए सभी कार्यकर्ता अनुशासित रहें और साइकिल को लक्ष्य बनाकर मतदान की तैयारी करें।
उन्होंने कहा किसान आंदोलन का तीसरा महीना होने को है। अब तक उनकी न्यायोचित मांगों पर कोई निर्णय नहीं किया गया है। वित्तविहीन शिक्षकों को भी समर्थन दिया जाएगा। समाजवादी सरकार बनने पर बड़े पैमाने पर नौकरियों में भर्ती की जाएगी। भाजपा विकास में पीछे और झांसा देने में आगे है।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने उत्पीड़न के सारे रिकार्ड तोड़ दिए हैं फिर भी समाजवादी बिना डरे या विचलित हुए 2022 की तैयारी में जी-जान से जुटें। उन्होंने कहा कि भाजपा की कुनीतियों से जनता का पूरी तरह मोहभंग हो गया है। समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव पर ही सबकी निगाहें हैं। राज्य की जनता ने देखा है कि सपा का काम खुद बोलता है।