सपा अध्यक्ष ने कहा, सच तो यह है कि 'कृषि कुंभ' तो एक बहाना है। भाजपा को किसान विरोधी नीति से ध्यान भटकाना है। इस कुंभ में जो किसान आए वे अपनी बात कहने के लिए तरसते रह गए। उनकी बातें न सुनी जानी थी न ही सुनी गई। किसानों का वोट हथियाने के लिए संकल्प पत्र में जो वादे किए गए थे उनके बारे में भी तो इस कुंभ में बताना चाहिए था, लेकिन भाजपा सरकार ने जब कुछ किया ही नही तो वह किसानों को बताती क्या?
अखिलेश ने कहा, प्रधानमंत्री ने सोलर पैनल की बात ऐसे की जैसे वह उसकी कोई अपनी योजना हो। हकीकत यह है कि वह समाजवादी सरकार की योजनाओं का ही भाजपाई झूठा श्रेय ले रहे हैं। समाजवादी सरकार में सोलर प्लांट लगा था और लोहिया आवास में सोलर लाईट लगाई जा रही थी। सबसे पहले समाजवादी सरकार में ही मुफ्त सोलर पैनल और पम्प दिए गए थे।
अखिलेश ने कहा, भाजपा अब तक नहीं बता पाई है कि उसने कितने किसानों का कर्ज माफ किया। डीजल-पेट्रोल, खाद-बीज की मंहगाई क्यों नहीं रुक रही। उन्होंने पूछा, गन्ना आपूर्ति के 14 दिनों के भीतर भुगतान के वादे का क्या हुआ? मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि गन्ने की खेती ही बंद हो क्योंकि उससे डायबिटीज रोग होता है। वैसे भी मुख्यमंत्री के फॉर्मूले अजीबो-गरीब होते हैं। जैसे बंदर उत्पात करें तो हनुमान चालीसा पढ़ा जाए।