अभी तक सरकार के मंत्रियों ने ही रेप पीड़िताओं पर शर्मनाक बयान दिए, लेकिन इस मामले पर तो खुद मुख्यमंत्री ने ही संवेदनहीनता का परिचय दिया।
मौका था लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में मेधावियों को सम्मानित करने का लेकिन कमजोर कानून-व्यवस्था को लेकर लगातार निशाना बनाए जा रहे अखिलेश यहां सरकार को बचाने की कोशिश करने लगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बलात्कार के आरोपी और पीड़ित लड़की के बीच कैसे और क्या संबंध थे, यह सब जानते हैं।
मगर मामले को सांप्रदायिक रंग दिया जा रहा है। आज जिस तरह की बेइमानी की राजनीति हो रही है, उसका जवाब जनता देगी।
भाजपाइयों को कहा ये चालू लोग
वहीं भाजपा पर हमला करते हुए अखिलेश बोले हम लैपटॉप की बात करते हैं, वो लाउडस्पीकर की। मुख्यमंत्री ने बिना नाम लिए भाजपा को मुरादाबाद के कांठ और फैजाबाद में हुए सांप्रदायिक तनाव के लिए जिम्मेदार ठहराया।
उन्होंने कहा, हम लैपटॉप की बात करते हैं और वे लोग लाउडस्पीकर के नाम पर तनाव बढ़ाते हैं। वे चालू लोग हैं और ऐसे लोगों से बच कर रहने की जरूरत है।
सांप्रदायिक हो जाना आसान है मगर सेक्युलर होना बहुत मुश्किल। मुख्यमंत्री ने यह बातें अमर उजाला के प्रतिभा सम्मान समारोह के दौरान अपने संबोधन में कहीं।
खुलकर किये हमले
मुख्यमंत्री अखिलेश ने कहा, उनकी सरकार बहुत अच्छे काम कर रही है लेकिन इसके प्रचार में हम पिछड़ जाते हैं। हमने शपथपत्र दाखिल करने की जटिलता को खत्म कर दिया है। इससे आम लोगों को बहुत आसानी होगी।
कुछ लोग गांवों में शौचालय की बात तो कर रहे हैं मगर लैपटॉप देकर गांव के बच्चों को तकनीकी रूप से सक्षम करने के हमारे प्रयास को झुनझुना कहते हैं। क्या यह झुनझुना है?
उन्होंने कहा कि जो लोग लाउडस्पीकर के नाम पर दंगा फैलाते हैं, वे बहुत चालू हैं। ऐसे लोगों से सावधान रहने की जरूरत है। वे धर्मांतरण की बात पर लोगों को भड़काते हैं लेकिन आरोपों के पीछे के पहलुओं पर ध्यान नहीं देना चाहते।
करप्शन और कैंसर एक जैसे
उन्होंने कहा, करप्शन और कैंसर दोनों एक जैसे हैं। कैंसर का मतलब है ओवरग्रोथ ऑफ ए टिश्यू और करप्शन का मतलब है ओवरग्रोथ ऑफ मनी।
कैंसर को रोका जा सकता है मगर इसका इलाज अभी तक नहीं खोजा जा सका है। इसी तरह करप्शन की भी रोकथाम ही संभव है। इसे हम कम करेंगे, थोड़ा वक्त लगेगा।