सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार ने 16 महीने में प्रदेश को तबाह कर दिया। उसका प्रमुख एजेंडा विकास की अनदेखी कर विपक्षी नेताओं को बदनाम करना है। भाजपा ने लोकतंत्र की आवाज को दबाने की पुरजोर कोशिश की है।
शुक्रवार को पार्टी कार्यालय में बुद्धिजीवियों, शिक्षकों तथा अधिवक्ताओं के जारी मुलाकात में अखिलेश ने यह बातें कहीं। अखिलेश ने कहा कि भाजपा की नफरत की राजनीति को रोकना और स्वतंत्रता के मूल्यों को बचाना बहुत जरूरी है। अधिवक्ताओं पर पुलिस लाठी बरसा रही है। उद्योगपति अपमानित हो रहे हैं और भ्रष्टाचार चरम पर है। भाजपा ने इस समय जैसे हालात पैदा किए हैं उसमें 2019 में 1977 की पुनरावृत्ति जरूरी है।
बाढ़ से राहत की व्यवस्था नहीं
अखिलेश ने कहा कि बरसात और बाढ़ से प्रभावित इलाकों की हालत दयनीय है, लेकिन सरकार ने कोई व्यवस्था नहीं की। घरों, थानों और अस्पतालों में पानी भरा है। गोंडा में एल्गिन ब्रिज के टूटने से सैकड़ों गांव जलमग्न हैं। उन्होंने सपा कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों, विधायकों व सांसदों से कहा कि वे पीड़ितों के बचाव, खाने और पानी की व्यवस्था करें।
गोंडा की कमलेश की सुनी पीड़ा
अपने तीन बच्चों के साथ मल्लापुर (गोंडा) से आई कमलेश ने अखिलेश यादव को अपनी गरीबी की पीड़ा सुनाई। उसने कहा कि वह सरकारी राशन और छत से वंचित है। इस पर अखिलेश ने पार्टी की तरफ से मदद का आश्वस्त दिया।