उन्होंने कहा, सच तो यह है कि सरकार की गलत आर्थिक नीतियों का खामियाजा आम आदमी को भोगना पड़ रहा है। नोटबंदी व जीएसटी से उद्योगों की हालत खस्ता है। प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से लाखों नौकरियां जाने की खबरें आ रही है। आयकर के छापों का आतंक अलग से बाजार में दहशत पैदा किए हुए है। अर्थव्यवस्था अब सातवें नंबर पर पहुंच गई है। किसान, व्यापारी सब तबाह हैं।