राजधानी लखनऊ का हाल तो और भी बुरा है। शासन-प्रशासन को खुली चुनौती देते हुए चिनहट स्थित इंडियन ओवरसीज बैंक में सेंध लगाकर 42 लॉकर काट कर अपराधी लूट ले गए। एटीएम की लूट भी हुई। चोरियां तो आए दिन की बातें हैं। ज्वैलर्स की दूकानों से माल पार करने की घटनाएं अक्सर होती हैं। महिलाओं के साथ छेड़छाड़, और लूट की घटनाएं आम है।
समाजवादी सरकार में अपराध नियंत्रण के लिए जो व्यवस्थाएं की गईं थीं, उन्हें भाजपा सरकार ने पूरी तरह से चौपट कर दिया है। न्यूयार्क की तर्ज पर यूपी डायल 100 पुलिस सेवा शुरू करने के पीछे रिस्पांस सिस्टम को आधुनिकतम बनाना था। पुलिस को नए उपकरण और नई गाड़ियां दी गई थी। छेड़छाड़ जैसी घटनाओं की रोकथाम के लिए 1090 वूमेन पावर लाईन सेवा की स्थापना की गई थी। आज यह सेवा पूरी तरह से निष्क्रिय बना दी गई है।
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद से सत्ता संरक्षित अपराधियों पर कोई नियंत्रण नहीं रह गया है। इनके हौसले इतने बढ़ गए हैं कि वे पुलिस की भी परवाह नहीं करते हैं। वैसे पुलिस ने भी अपनी फजीहत खुद अपने हाथों कर रखी है। निर्दोषों के उत्पीड़न में उसने सत्तादल की सहयोगी बन कर लोकसभा और विधानसभा के उपचुनावों में अभद्रता और मर्यादा की सभी सीमाएं तोड़ दी। उन्होंने कहा कि जनता भाजपाई अराजकता से त्रस्त है। जनता को 2027 के विधानसभा चुनाव का इंतजार है, जब वो भाजपा को सत्ता से हटाकर उसके झूठे दावों का पुख्ता हिसाब करेगी।