मायावती और अखिलेश की प्रेस कॉन्फ्रेंस
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राम मंदिर पर हो रही राजनीति को लेकर भी सपा अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि राम-कृष्ण की धरती पर भाजपा के अत्याचारों से भगवान को भी पीड़ा हुई होगी। भाजपा की नफरत की कूटनीति व अन्याय से मुक्ति के लिए हम एकजुट हुए हैं। सपा-बसपा के कार्यकर्ता भाजपा के अत्याचारों का मिलकर मुकाबला करेंगे।
शनिवार को मायावती के साथ मीडिया को संबोधित करते हुए अखिलेश जहां कांग्रेस के प्रति नरम दिखाई दिए। पूरे कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कांग्रेस का जिक्र तक नहीं किया। वहीं सपा-बसपा गठबंधन को चुनावी गुणा-भाग से आगे का बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा के अहंकार का विनाश करने के लिए बसपा और सपा का मिलना जरूरी था। सपा-बसपा मिलकर प्रदेश से भाजपा का सफाया करेंगे।
सपा अध्यक्ष ने कहा, भाजपा ने पूरे देश में अराजकता का माहौल बना दिया है। उत्तर प्रदेश को जातीय प्रदेश बना दिया है। जाति देखकर अस्पतालों में इलाज होता है, थानों में रिपोर्ट लिखी जाती है। बेकुसूर लोगों के एनकाउंटर जाति और धर्म देखकर किए जा रहे हैं। प्रदेश में बहन-बेटियों की इज्जत सुरक्षित नहीं है। शरीफों का जीना मुहाल हो गया है। भाजपा ने भगवानों को भी जाति में बांट दिया है।
अखिलेश ने कहा, कार्यकर्ताओं को भाजपा की साजिशों से सावधान रहना होगा। भाजपा दंगा कराने का भी प्रयास कर सकती है। केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार ने देश और प्रदेश को एक सूत्र में बांधने के बजाय नफरत का वातावरण बनाया है।
भाईचारा बढ़ाने के बजाय जात-पांत में बांटने का काम किया। भाजपा अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए देश में धार्मिक उन्माद फैलाकर लोगों में भय का वातावरण बना रही है। केंद्र सरकार की गलत नीतियों से किसान आत्महत्या कर रहा है। भाजपा के झूठे वादों से निराश नौजवान बेरोजगारी के कारण आत्महत्या कर रहे हैं।