समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि उत्तर प्रदेश में सरकारी मशीनरी से ब्लाक प्रमुख पदों पर जबरन कब्जा किया जाना जनादेश का अपमान है। लोकतंत्र और संविधान में भाजपा सरकार की कोई आस्था नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने सत्ता के सहयोग से अपने पक्ष में मतदान कराया और ब्लाक प्रमुख पद पर कब्जा जमाया है। प्रदेश के विभिन्न जिलों में ब्लाक प्रमुख प्रत्याशियों और क्षेत्र पंचायत सदस्यों का खुलेआम अपहरण किया गया। विरोध करने पर उत्पीड़न हो रहा है। सभी कागज पूरा होने के बाद भी मतदान से वंचित करते हुए धमकी दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि बस्ती में सपा जिलाध्यक्ष के घर छापा मारा गया। उन्नाव में सीडीओ ने पत्रकारों को बेरहमी से पीटा। इटावा में पुलिस के अधिकारी को भाजपाइयों ने ही पीट दिया। संतकबीरनगर में अंत्येष्टि के लिए अपने पिता का शव ले जा रहे बीडीसी का अपहरण कर लिया गया। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में उत्तर प्रदेश को भाजपा ने युद्धभूमि में तब्दील कर दिया।
यूपी की साख को खराब करने की जिम्मेदार भाजपा सरकार है। जहां एक ओर समाजवादी पार्टी प्रत्याशी के समर्थक क्षेत्र पंचायत सदस्यों को निर्वाचन प्रमाण.पत्र एवं मतदान के लिए पहचान पत्र होने के बाद भी वोट नहीं देने दिया जा रहा है वहीं दूसरी ओर भाजपा प्रत्याशी को गलत तरीके से फर्जी आईडी से मतदान कराया गया है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि पार्टी प्रतिनिधि मंडल ने ज्ञापन देकर राज्य निर्वाचन आयुक्त को वस्तु स्थिति से अवगत कराया था। इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई।
पूर्व मुख्यमंत्री से मिला प्रतिनिधि मंडल
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से शनिवार को बीएचयू के प्रतिनधि मंडल ने मुलाकात की। इसमें डॉ. विकास यादव, डॉ आशुतोष द्विवेदी सहित अन्य लोग शामिल थे। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने संस्कृत शिक्षकों को आश्वासन दिया कि सपा सरकार बनी तो संस्कृत भाषा के प्रसार को प्रोत्साहित कराया जाएगा। इसी क्रम में डा. प्रशांत तिवारी के साथ चिकित्सकों के प्रतिनिधि मंडल ने मुलाकात की।