मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बसपा सुप्रीमो मायावती के उस बयान पर कड़ा पलटवार किया है जिसमें उन्होंने सीएम पर सिर्फ साइकिल चलाने की बात कहकर तंज कसा था।
अखिलेश ने कहा, मुझे पता चल गया है कि विरोधियों को साइकिल से क्यों नाराजगी है? दरअसल, उन्हें पता है कि अब साइकिल ट्रैक फ्लाईओवर व आवास विकास परिषद के बगल से भी जाएगा।
डर है कि कहीं साइकिल ट्रैक उनके घर के आसपास न बन जाए। जरूरत पड़ी तो इसके लिए बाउंड्री भी पीछे की जाएगी। बताते चलें कि बसपा का प्रदेश मुख्यालय माल एवेन्यू फ्लाईओवर से सटा हुआ ही है।
सीएम ने सोमवार को अपने सरकारी आवास पर एसोचैम की रिपोर्ट के अनावरण मौके पर मायावती का नाम लिए बिना उनकी टिप्पणी का जवाब दिया।
मुख्यमंत्री बोले, हाथी पर बैठ सकते हैं पर चला नहीं सकते
अखिलेश ने कहा, साइकिल से चूंकि गरीब लोग चलते हैं, इसलिए इसे बढ़ावा दिया जाएगा। साइकिल ट्रैक के लिए जरूरी हुआ तो जबरन कब्जा कर बढ़ाई गई बाउंड्री भी तोड़कर पीछे की जाएगी।
सपा के चुनाव चिह्न साइकिल पर मायावती के तंज का उन्हीं के अंदाज में जवाब देते हुए कहा, हाथी पर बैठ तो सकते हैं लेकिन चला नहीं सकते। ठहाका लगाते हुए बोले, हाथी को चलाने के लिए अंकुश चाहिए, लेकिन साइकिल कोई भी चला सकता है। यह पूरी रफ्तार से चलती रहेगी।
अब तो प्रधानमंत्री ने भी कह दिया है कि हफ्ते में एक दिन साइकिल चलाना अच्छा होता है।
गौरतलब है कि बसपा कार्यालय के एकदम पास से फ्लाईओवर बनाने पर सपा सरकार और बसपा के बीच खूब बयानबाजी हुई थी। बसपा के तगड़े विरोध और तमाम अड़चनों को दूर करते हुए सरकार ने बहुत तेजी से इस फ्लाईओवर को बनवाया। इस कारण बसपा कार्यालय का मेन गेट बंद कर दूसरी ओर खोलना पड़ा।
पीएम की तस्वीर अच्छी लगी, हिसाब बराबर
एक राष्ट्रीय पत्रिका के कवर पेज पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फोटो सीएम अखिलेश यादव को जंच गई है। दरअसल इसमें मोदी की वैसी ही तस्वीर छपी है, जैसी मुजफ्फरनगर दंगों के दौरान अखिलेश की छपी थी।
उन्होंने अपनी सरकार की उपलब्धियों का बखान करते हुए इस पत्रिका में प्रदेश को नंबर दो पर दिखाने का जिक्र किया। पीएम की फोटो पर कहा, यह तस्वीर मुझे अच्छी लगी। वजह, ऐसी ही तस्वीर हमारी भी छापी गई थी।
लगता है, हिसाब बराबर हो गया है। पत्रिका ने प्रधानमंत्री के दस महीने के कार्यकाल को ‘हनीमून समाप्त’ शीर्षक से मोदी की कवर फोटो के साथ प्रकाशित किया है। इसी पत्रिका ने मुजफ्फरनगर दंगे के दौरान सीएम के कामकाज की तगड़ी खिंचाई की थी।