अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार न बनाए जाने के मुलायम के बयान के बाद सपा महासचिव रामगोपाल यादव सीएम के पक्ष में सामने आ गए हैं। उन्होंने मुलायम को पत्र लिखकर कहा है कि अखिलेश को सीएम का उम्मीदवार न बनाना गलती होगी।
सपा मुखिया मुलायम सिंह शनिवार को दिल्ली चले गए हैं। वहीं उन्हें रामगोपाल का पत्र मिला। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री के रूप में अच्छा काम किया है। विकास के एजेंडे पर चले हैं।
आगामी विधानसभा चुनाव उन्हें सीएम पेश करके ही लड़ा जाए। यदि उनके चेहरे पर चुनाव नहीं लड़ा गया तो नुकसान होगा। उन्हें सीएम उम्मीदवार न बनाया गया तो गलती होगी।
रामगोपाल का पत्र पढ़ने के बाद मुलायम सिंह ने उन्हें अपने आवास पर बुलाया। उनके बीच करीब डेढ़ घंटा बातचीत हुई। हालांकि इसका कोई ब्यौरा सामने नहीं आया है लेकिन माना जा रही है कि सपा मुखिया पिछले दिनों लिए गए फैसलों पर कायम हैं।
खुद अखिलेश ने दी सधी हुई प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव
- फोटो : amar ujala
वहीं, समाजवादी पार्टी में शीर्ष स्तर पर चल रहे घमासान और मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार न बनाए जाने संबंधी मुलायम सिंह यादव के बयान पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सधी हुई प्रतिक्रिया दी है।
उन्होंने कहा, जिनके पास इतना अनुभव है, वे जो कह रहे होंगे, सही कह रहे होंगे। सपा सुप्रीमो मुलायम ने शुक्रवार को कहा था कि बहुमत मिलने पर मुख्यमंत्री का फैसला विधायक, संसदीय बोर्ड और हम करेंगे।
उधर, इटावा में शिवपाल यादव ने यह कहकर माहौल को सामान्य बनाने की कोशिश की कि सपा को बहुमत मिलने पर वह अखिलेश यादव को सीएम बनाने का प्रस्ताव रखेंगे। शिवपाल पहले भी ऐसा कहते रहे हैं।
शिवपाल ने दिए हैं इस तरह के बयान
शिवपाल यादव
- फोटो : amar ujala
‘कुछ लोगों को नसीब से मिल जाता है और कुछ लोग विरासत में सब कुछ पा जाते हैं लेकिन कई लोग जिंदगी भर संघर्ष करते रह जाते हैं, उन्हें कुछ नहीं मिलता’। (शिवपाल सिंह यादव, इटावा में एक कार्यक्रम में।)
‘मैने पहले ही दिन कहा था, हम बहुमत में आते हैं, और आएंगे, तो मुख्यमंत्री पद के लिए अखिलेश यादव के नाम का मैं प्रस्ताव करूंगा’। (शिवपाल यादव, इटावा में पत्रकारों से बातचीत में)
मुलायम के बयान पर शनिवार को दिन भर खूब चर्चा रही हालांकि सार्वजनिक तौर पर कोई भी सपा नेता बोलने को तैयार नहीं है। पूरी पार्टी में चुप्पी है। हालांकि आजमगढ़ में मीडियाकर्मियों ने जब इस संबंध में सवाल पूछे तो मुख्यमंत्री अखिलेश ने नपे-तुले शब्दों में अपनी बात कही।
माना जा रहा है कि वह मुलायम से टकराव का संदेश नहीं देना चाहते हैं। यूं भी वह नेताजी की तल्ख टिप्पणियों, नसीहतों को हंसकर टालते रहे हैं। कुरेदने पर यही कहते हैं कि कौन पिता अपने बेटे को नहीं डांटता।