नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि जिस तरह उप मुख्यमंत्री को काला झंडा दिखाने वाले युवक के पास बम मिलना बताते हुए उसे जेल भेज दिया गया कहीं ऐसी ही कार्यवाही सपा विधायक आजम खान के यहां न हो। बुधवार को समाजवादी पार्टी ने विधानसभा में कार्यस्थगन प्रस्ताव के तहत सपा विधायक आजम खान के खिलाफ पुलिस की ओर से की जा रही झूठी कार्रवाई का मुद्दा उठाया।
सपा विधायक और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि आजम खान सदन के सबसे वरिष्ठ विधायकों में से एक हैं। वह प्रदेश सरकार में मंत्री के साथ सांसद और राज्यसभा सदस्य भी रहे है। आजम खान ने रामपुर में जो विश्वविद्यालय बनाया था उसे तबाह करने के लिए विश्वविद्यालय पर झूठे आरोप लगाने के साथ आजम खान, उनकी पत्नी और बेटे पर भी फर्जी मुकदमे दर्ज किए जा रहे है। उन्होंने कहा कि आजम को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद उनकी जमानत रद्द कराने के लिए अब उन पर गवाहों को धमकाने का फर्जी मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है।
आजम के विश्वविद्यालय परिसर से पुरानी मशीनों के उपकरण की बरामदगी दिखाई जा रही है। उन्होंने कहा कि जेल में भी आजम खान और उनके परिवार के साथ गलत व्यवहार किया गया, उन्हें जेल में अंग्रेजों की तरह प्रताड़ना दी गई। नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि आजम खान को जानबूझकर फर्जी मुकदमों में फंसाया जा रहा है। उन्होंने सरकार से इस तरह की कार्रवाई रोकने की मांग की।
संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि आजम खान के खिलाफ जो मुकदमा दर्ज कराया है वह उनके ही सजातीय व्यक्ति ने दर्ज कराया है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि आजम के खिलाफ दर्ज मुकदमों में नियमानुसार कार्रवाई कर रही है। मामले अदालत में विचाराधीन होने के कारण वह कोई टिप्पणी नहीं करेंगे।