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'पथ' हुआ फ्लॉप, अब साइकिल सिटी बनाएंगे अखिलेश!

Tue, 12 Aug 2014 12:11 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
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प्रदेश सरकार ने लखनऊ, आगरा, नोएडा व ग्रेटर नोएडा को साइकिल फ्रेंडली सिटी के रूप में विकसित करने का फैसला किया है।
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मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इसके लिए कार्ययोजना बनाकर इस पर प्राथमिकता से कार्य करने का निर्देश दिया है।

उन्होंने कहा कि सरकार ने समाज के कमजोर वर्गों के हितों को ध्यान में रखकर यह निर्णय लिया है।

नोएडा में किया योजना का खुलासा

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोमवार को नोएडा में विश्वस्तरीय ग्रीन पार्क के निर्माण को लेकर एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई थी।

इसी बैठक में उन्होंने साइकिल फ्रेंडली सिटी के विकास को लेकर अपनी योजना का खुलासा किया।

उन्होंने नोएडा व ग्रेटर नोएडा के कारखानों व अन्य संस्थानों में बड़ी संख्या में कार्यरत मजदूरों व विद्यार्थियों की उपस्थिति का हवाला देते हुए कहा कि इस योजना सीधे इन्हें लाभ होगा।

साइकिल फ्रेंडली होंगे विकास

अखिलेश ने कहा कि सरकार ने तय किया है कि इन नगरों में अब जो भी विकास होंगे, साइकिल फ्रेंडली होंगे।

इसके लिए इन शहरों में साइकिल ट्रैक, स्टैंड व शेल्टर की स्थापना की जाएगी। इतना ही नहीं यहां लोगों को किराए पर साइकिल मुहैया कराने की भी व्यवस्था होगी।

उन्होंने कहा कि आगरा में नियमित रूप से बड़ी संख्या में देशी-विदेश पर्यटक आते हैं। विदेशी पर्यटक साइकिल के उपयोग को वरीयता देते हैं।

लिहाजा आगरा को साइकिल फ्रेंडली सिटी के रूप में विकसित किए जाने से पर्यटकों को सहूलियत होगी।

विदेशी मॉडलों की होगी स्टडी

सीएम ने कहा कि साइकिल फ्रेंडली सिटी के लिए अधिकारी विदेशों में उपलब्ध कराई जा रही इस तरह की सुविधा का अध्ययन भी करेंगे।

इसके अलावा, मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने नोएडा में 2,500 एकड़ से अधिक क्षेत्रफ ल में एक विश्वस्तरीय ग्रीन पार्क विकसित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

ग्रीन पार्क 300 एकड़ क्षेत्र में एक वाटर बॉडी बनाई जाएगी। साथ ही डीयर पार्क और वन चेतना केंद्र भी इस पार्क का हिस्सा होंगे।
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फेल हो चुका है पहला साइकिल प्रोजेक्ट

पिछली मुलायम सरकार ने राजधानी लखनऊ में अति महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट लोहिया पथ बनावाया। इस पर करीब एक अरब रुपये तक खर्च किए गए।

हालांकि, न उस पर साइकिल चलीं न पैदल यात्री। टाइल्स, जाली और ग्रिल चोरी होती रहीं और किसी ने ध्यान नहीं दिया।

जनता के पैसे से बना ये साइकिल पथ आने वाले दिनों ने सरकार ने खुद ही तोड़वा दिया। सवाल यह है कि अखिलेश के नए साइकिल ड्रीम का क्या हश्र होगा।
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