अखिलेश ने कहा कि इस सरकार में युवा, किसान व महिलाएं सभी परेशान हैं। किसानों को उनकी फसलों का दाम नहीं मिल रहा है। जिन किसानों ने प्रदर्शन करने के लिए सड़क पर आलू बिखेरे थे उन पर ऐसी धारा लगा दी गई कि वकीलों को भी पन्ने पलटने पड़ गए। इन लोगों ने सबको धोखा दिया है। पुरानी योजनाओं को ही रंग पोत कर फीता काट रहे हैं।
उन्होंने कहा कि बजट में पुरानी योजनाओं को ही फंड दिया गया है और वो भी पर्याप्त नहीं है। सरकार ने तीन बजट दे दिए लेकिन लैपटॉप कहां है अब तक पता नहीं चला। बजट आंकड़ों में ही अच्छा लग रहा है लेकिन जब पिछले दो बजट का कुछ नहीं दिखा तो तीसरे बजट का क्या दिखेगा। उन्होंने पुलिस व्यवस्था में सुधार के लिए बजट में की गई घोषणा पर कहा कि सरकार ने बहुत सारे वादे किए थे उनका पता नहीं क्या हुआ पर जेलों में वसूली जरूर शुरू हो गई है। अखिलेश ने सपा-बसपा गठबंधन पर कहा कि ये जनता का गठबंधन है जो कि सिर्फ लोकसभा चुनाव के लिए नहीं हुआ है यह आगे भी जारी रहेगा।
गंगा मैया की कसम खाई, सत्ता में आए तो जारी करेंगे जाति आधारित आंकड़े
रोस्टर मुद्दे पर जारी विवाद पर कहा कि हम इसका पुरजोर विरोध करते हैं। हम जब कुंभ स्नान करने गए थे तो गंगा मइया की कसम खाई थी कि अगर हमारी सरकार आती है तो हम जाति आधारित आकड़े जारी करेंगे।