उन्होंने कहा, विडंबना है कि प्रदेश की राज्यपाल को यहां सब कुछ ठीक दिख रहा है। वे मानती हैं कि भाजपा सरकार ने ढाई साल में अच्छा काम किया है। कानून व्यवस्था में पहले की तुलना में सुधार आया है, जबकि, कानून व्यवस्था के रखवाले आपस में भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे है। पुलिस के आला अफसरों पर यौनशोषण के आरोप लग रहे हैं। आईपीएस की लड़ाई में पैसों के लेनदेन की बातें हो रही हैं।
अधिकारी ही कर रहे पीड़ितों का उत्पीड़न
सपा अध्यक्ष ने कहा, प्रदेश में लोग कैसे सुरक्षा और सम्मान पा सकते हैं जब स्वयं अधिकारी ही पीड़ितों का उत्पीड़न करने वाले हों। थानों में पुलिस पीड़ित की एफआईआर ही नहीं लिखती है। सरकारी प्रवक्ता इसी आंकड़ेबाजी में सब कुछ ठीक होने के लिए अपनी वाहवाही करने लगते हैं।
सच्चाई ज्यादा दिनों तक छिपाई नहीं जा सकती है। लोग जान गए हैं कि भाजपा राज में सिर्फ बहानेबाजी होती है। यह जनता का दमन और उत्पीड़न की पराकाष्ठा है कि यहां आम नागरिकों को स्वाभिमान के साथ जीने तक का अधिकार नहीं है। भाजपा की सरकार का यह सबसे ज्यादा वीभत्स परिचय है।