अखिलेश यादव सरकार ने एक बार फिर मायावती सरकार का फैसला पलट दिया है।
परिवहन विभाग ने प्रदेश के 460 नेशनल व स्टेट हाइवे मार्गों पर प्राइवेट सवारी वाहनों को परमिट न देने का फैसला किया है।
यानी अब इन मार्गों पर केवल सरकारी सवारी वाहन ही चल सकेंगे। मंगलवार को सरकार ने इसके औपचारिक आदेश जारी कर दिए हैं।
मायावती सरकार ने 28 मार्च 2008 को एक शासनादेश से इन मार्गों को निजी ऑपरेटरों के लिए भी खोल दिया था। सरकार ने प्राइवेट सवारी वाहनों को भी परमिट देने का फैसला किया था।
कोर्ट चले गए थे कर्मचारी
हालांकि, सरकार के इस फैसले के खिलाफ कुछ दिनों बाद ही परिवहन विभाग के कर्मचारी अदालत चले गए थे। कर्मचारियों का यह मत था कि प्राइवेट ऑपरेटरों को परमिट देने से परिवहन निगम की आय घट जाएगी। मायावती सरकार के इस फैसले को अदालत ने स्टे कर दिया था।
अब अखिलेश यादव सरकार ने पुराने फैसले को पूरी तरह पलट दिया है। प्रदेश के इन 460 मार्गों पर अब केवल सरकारी सवारी वाहन ही चलाए जाएंगे। इन मार्गों को सरकार ने अधिसूचित कर दिया है।
ये सभी नेशनल व स्टेट हाईवे के मार्ग हैं। सरकार ने उन 15 मार्गों को इससे अलग कर दिया है जो दूसरे राज्यों से जुड़ते हैं। दूसरे राज्यों से जुड़ने वाले नेशनल व स्टेट हाइवे पर प्राइवेट सवारी वाहन भी चल सकेंगे।
सरकार के इस फैसले के बाद परमिट की आस लगाए बैठे प्राइवेट बस ऑपरेटरों को झटका लगा है। अब सरकार केवल लिंक मार्गों पर ही प्राइवेट सवारी गाड़ियों को परमिट देगी। प्रमुख सचिव बीएस भुल्लर की ओर से इसके आदेश जारी कर दिए गए हैं।