आरएसएस ने पिछले चुनाव में सपा के खिलाफ नफरत और झूठ फैलाने का काम किया। इससे सभी को सावधान रहना चाहिए। कहा कि गठबंधन के लिए हमने कांग्रेस से पहल करने को कहा है क्योंकि वह राष्ट्रीय पार्टी है। उसे बड़ा दिल दिखाना चाहिए।
गठबंधन में नेता एवं प्रधानमंत्री उम्मीदवार का नाम चुनाव बाद तय हो जाएगा। कहा कि 2019 के लोकसभा चुनाव में क्षेत्रीय पार्टियों की बड़ी भूमिका होगी। वही भाजपा का मुकाबला कर सकेगी।
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के 50 साल सत्ता में रहने के दावे पर उन्होंने कटाक्ष किया। कहा, जनता में गुस्सा है, भाजपा के प्रति निराशा है इसलिए भाजपा को हार का सामना करना पड़ेगा।
यूपी में भाजपा की हार हुई तो यह देश की सत्ता में वापस नहीं आएगी। जिन्होंने 50 साल तक सत्ता में रहने की बात कही है, पता नही तब तक वे रहेंगे या नहीं। लेकिन यह तय है कि देश की जनता अगले 50 हफ्तों में अपना फैसला सुनाने जा रही है।
उन्होंने कहा कि देश में चुनाव बैलेट पेपर से होने चाहिए। ईवीएम की विश्वसनीयता पर उंगली उठी है। चुनाव आयोग को निष्पक्षता से काम करना चाहिए। उन्होंने कहा इस बार चुनाव में किसान, बेरोजगारी, मंहगाई के मुद्दे से भाजपा को ध्यान नहीं हटाने देंगे।