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भाजपा से ही सीखा गठबंधन करके अंकगणित ठीक करना : अखिलेश यादव

Fri, 11 Jan 2019 11:13 PM IST
MANISH sachan न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव - फोटो : amar ujala
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समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस बात से इन्कार करते हैं कि पीएम मोदी के डर से सपा-बसपा का गठबंधन हो रहा है। वह कहते हैं कि हमने भाजपा से सीखा है कि दलों से गठबंधन करके कैसे अंकगणित ठीक किया जाता है।

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सपा-बसपा कॉडर में कड़वाहट को नकारते हुए उन्होंने कहा कि जनता तैयार थी, तभी तो गठबंधन हो रहा है। गोरखपुर, फूलपुर व कैराना का उदाहरण दिया कि वहां के लोग भाजपा को हराना चाहते थे।

कन्नौज के फकीरे पुरवा गांव में ई-चौपाल के बाद बातचीत में अखिलेश यादव ने गठबंधन पर नपे-तुले जवाब दिए लेकिन अन्य मुद्दों पर खुलकर बोले। उन्होंने कहा, भाजपा ने सिखाया कि दलों को मिलाइये, लोगों को जोड़िये और जीत हासिल कीजिए।
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गोरखपुर उपचुनाव में हमने निषाद पार्टी के अध्यक्ष के बेटे को चुनाव लड़ाकर मुख्यमंत्री के क्षेत्र में सीट जीती। कैराना में हमारा प्रत्याशी था और राष्ट्रीय लोकदल का सिंबल था। चौधरी अजित सिंह व जयंत चौधरी ने मेहनत की और रालोद-सपा गठबंधन ने सीट जीत ली।

सपा-बसपा के कॉडर में तालमेल की कमी पर उन्होंने कार्यकर्ता और जनता तैयार थी, तभी तो गोरखपुर, फूलपुर व कैराना में भाजपा हारी। गठबंधन मोदी विरोध में नहीं हो रहा है, मुलायम सिंह यादव पहले कांशीराम-मायावती के साथ गठबंधन कर चुके हैं।

उन्हीं के काम को हम आगे बढ़ा रहे हैं। हमारी विचारधारा में फर्क नहीं है। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधा कि कश्मीर में उन्होंने स्वार्थ के लिए विपरीत ध्रुव वाली पार्टी (पीडीपी) से गठबंधन किया और फिर सत्ता के लिए ही खत्म कर दिया।

सीटों के बंटवारे पर: दो कदम पीछे हटने को तैयार

क्या सपा-बसपा के बीच बराबरी के स्तर पर सीटों का बंटवारा होगा ? इस सवाल पर उन्होंने कहा, मैं पहले ही कह चुका हूं कि गठबंधन के लिए दो कदम पीछे हटने को तैयार हूं। गठबंधन में जूनियर और सीनियर पार्टनर के बारे में नहीं सोचा है। असल बात यह है कि भाजपा समाज को तोड़ रही है, इसे रोकना है। उन्होंने कहा, मायावती ज्यादा अनुभवी हैं। वह कई बार मुख्यमंत्री रह चुकी हैं। एक समय उनका दल सबसे बड़ा था।

कांग्रेस से गठबंधन, राहुल के नेतृत्व पर चुप्पी

कांग्रेस से गठबंधन न होने के सवाल पर अखिलेश ने कहा कि इस मुद्दे पर मैं कुछ नहीं बोलूंगा। कांग्रेस से किसी तरीके से साथ होगा या नहीं होगा, यह कह पाना मुश्किल है। उन्होंने कहा, शनिवार को सपा-बसपा गठबंधन का ऐलान हो जाए फिर विचार करेंगे कि आगे कैसे रास्ता निकलता है। उन्होंने इस सवाल का भी सीधे तौर पर जवाब नहीं दिया कि राहुल गांधी प्रधानमंत्री बनने के योग्य हैं या नहीं ?

80 फीसदी गरीबों को 10 प्रतिशत आरक्षण

अखिलेश ने कहा, अच्छा है भाजपा अब आरक्षण के पक्ष में तो आई। कहा जिन्हें 50 प्रतिशत लाभ मिल रहा था, उन्हें अब 10 प्रतिशत आरक्षण दिया है। 80 फीसदी गरीबों को 10 फीसदी नौकरी देंगे। कही इस आरक्षण की स्थिति भी नोटबंदी और जीएसटी के लाभ जैसी न हो जाए। आरक्षण की सही स्थिति का पता बाद में लगेगा। शुरुआत में गरीबों को लगा कि नोटबंदी उनके हक में है लेकिन अब सब कुछ साफ हो गया। आरक्षण तब देना चाहिए जब रोजगार के अवसर बढ़ा सकें।

राम मंदिर पर: भूखे पेट भजन न हो गोपाला
राम मंदिर के सवाल पर अखिलेश यादव ने कहा कि लोग रोजगार और नौकरी चाहते हैं। भूखे पेट भजन न हो गोपाला। कहा कि राम मंदिर को लेकर सुप्रीम कोर्ट जो फैसला देगा, पूरा देश उसे मानेगा। 
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गौवंश पर: नहीं बंद हुए स्लाटर हाउस

अखिलेश ने कहा, चुनाव के दौरान भाजपा नेताओं से ऐसे आरोप लगाए स्लाटर हाउस हमारे लोग चला रहे हों और हम गौहत्या करा रहे हैं। गाय हमारी माता है, उसे सुरक्षित रखना, खाने-पीने की जिम्मेददारी सरकार की है। प्रदेश में ज्यादातर स्लाटर हाउस से भाजपा के लोग जुड़े हैं। भाजपा नेताओं ने कहा था कि स्लाटर हाउस बंद करा देंगे लेकिन एक भी स्लाटर हाउस बंद नहीं हुआ। उधर, किसान रात भर जागकर पशुओं से फसलों की रक्षा कर रहे हैं। डीएम, एसपी गायों व सांडों के पीछे भाग रहे हैं।

राफेल पर सच्चाई सामने आनी चाहिए 
अखिलेश ने कहा, एक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष को प्रधानमंत्री पप्पू कहते हैं। दूसरे अध्यक्ष पीएम के लिए कहते हैं कि चौकीदार चोर है। हम ऐसी भाषा नहीं बोलते लेकिन राफेल पर सच्चाई सामने आने चाहिए। सपा ने सबसे पहले राफेल में सीबीआई जांच की मांग उठाई थी। 
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