क्या सपा-बसपा के बीच बराबरी के स्तर पर सीटों का बंटवारा होगा ? इस सवाल पर उन्होंने कहा, मैं पहले ही कह चुका हूं कि गठबंधन के लिए दो कदम पीछे हटने को तैयार हूं। गठबंधन में जूनियर और सीनियर पार्टनर के बारे में नहीं सोचा है। असल बात यह है कि भाजपा समाज को तोड़ रही है, इसे रोकना है। उन्होंने कहा, मायावती ज्यादा अनुभवी हैं। वह कई बार मुख्यमंत्री रह चुकी हैं। एक समय उनका दल सबसे बड़ा था।
कांग्रेस से गठबंधन न होने के सवाल पर अखिलेश ने कहा कि इस मुद्दे पर मैं कुछ नहीं बोलूंगा। कांग्रेस से किसी तरीके से साथ होगा या नहीं होगा, यह कह पाना मुश्किल है। उन्होंने कहा, शनिवार को सपा-बसपा गठबंधन का ऐलान हो जाए फिर विचार करेंगे कि आगे कैसे रास्ता निकलता है। उन्होंने इस सवाल का भी सीधे तौर पर जवाब नहीं दिया कि राहुल गांधी प्रधानमंत्री बनने के योग्य हैं या नहीं ?
अखिलेश ने कहा, अच्छा है भाजपा अब आरक्षण के पक्ष में तो आई। कहा जिन्हें 50 प्रतिशत लाभ मिल रहा था, उन्हें अब 10 प्रतिशत आरक्षण दिया है। 80 फीसदी गरीबों को 10 फीसदी नौकरी देंगे। कही इस आरक्षण की स्थिति भी नोटबंदी और जीएसटी के लाभ जैसी न हो जाए। आरक्षण की सही स्थिति का पता बाद में लगेगा। शुरुआत में गरीबों को लगा कि नोटबंदी उनके हक में है लेकिन अब सब कुछ साफ हो गया। आरक्षण तब देना चाहिए जब रोजगार के अवसर बढ़ा सकें।
राम मंदिर पर: भूखे पेट भजन न हो गोपाला
राम मंदिर के सवाल पर अखिलेश यादव ने कहा कि लोग रोजगार और नौकरी चाहते हैं। भूखे पेट भजन न हो गोपाला। कहा कि राम मंदिर को लेकर सुप्रीम कोर्ट जो फैसला देगा, पूरा देश उसे मानेगा।
अखिलेश ने कहा, चुनाव के दौरान भाजपा नेताओं से ऐसे आरोप लगाए स्लाटर हाउस हमारे लोग चला रहे हों और हम गौहत्या करा रहे हैं। गाय हमारी माता है, उसे सुरक्षित रखना, खाने-पीने की जिम्मेददारी सरकार की है। प्रदेश में ज्यादातर स्लाटर हाउस से भाजपा के लोग जुड़े हैं। भाजपा नेताओं ने कहा था कि स्लाटर हाउस बंद करा देंगे लेकिन एक भी स्लाटर हाउस बंद नहीं हुआ। उधर, किसान रात भर जागकर पशुओं से फसलों की रक्षा कर रहे हैं। डीएम, एसपी गायों व सांडों के पीछे भाग रहे हैं।
राफेल पर सच्चाई सामने आनी चाहिए
अखिलेश ने कहा, एक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष को प्रधानमंत्री पप्पू कहते हैं। दूसरे अध्यक्ष पीएम के लिए कहते हैं कि चौकीदार चोर है। हम ऐसी भाषा नहीं बोलते लेकिन राफेल पर सच्चाई सामने आने चाहिए। सपा ने सबसे पहले राफेल में सीबीआई जांच की मांग उठाई थी।