मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पीसीएस अधिकारियों से कहा है कि उनके काम से सरकार की छवि बनती है। वे अच्छा काम करते हैं तो लोग कहते हैं कि सरकार अच्छा काम कर रही है। इसका फायदा मुख्यमंत्री और सरकार को मिलता है।
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ऐसे में लोगों की बेहतरी के लिए गवर्नेंस में इनोवेशन पर जोर होना चाहिए। सरकार उनके प्रयोगों को पूरा सपोर्ट देगी। यूपी को तरक्की के रास्ते पर ले जाने में मदद वाले काम होने चाहिए। उन्होंने सत्ता में दोबारा आने पर एसोसिएशन की समस्याओं का समाधान कराने का भरोसा भी दिया।
मुख्यमंत्री शनिवार को लोकभवन सचिवालय में पीसीएस एसोसिएशन की नौ साल बाद हो रही वार्षिक आमसभा के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने एसोसिएशन को हर साल अधिवेशन कराने की सलाह दी।
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कहा, इससे अधिकारियों को एक-दूसरे के अच्छे काम को जानने का मौका मिलता है। अखिलेश ने पीसीएस अधिकारियों पर पूरा भरोसा जताया। बोले, एक समय ऐसा भी था जब आईएएस से ज्यादा पीसीएस अफसर डीएम और कमिश्नर हो गए थे।
हम पीसीएस अफसरों से काम चला लेंगे...
आईएएस अधिकारी दुर्गाशक्ति नागपाल का नाम लिए बगैर मुख्यमंत्री ने कहा कि एक आईएएस अधिकारी का प्रकरण आया तो हमारी पार्टी के एक नेता ने केंद्र सरकार से यहां तक कह दिया कि आप चाहो तो अपने आईएएस अफसरों को वापस ले लो। प्रदेश सरकार पीसीएस अफसरों से काम चला लेगी।
इस मौके पर प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री अनीता सिंह, प्रमुख सचिव नियुक्ति किशन सिंह अटोरिया, विशेष कार्याधिकारी मुख्यमंत्री जगदेव सिंह, पीसीएस एसोसिएशन के पूर्व महासचिव आरके पांडेय उपस्थित रहे।
बदलाव रुकना नहीं चाहिए
मुख्यमंत्री ने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे, बुंदेलखंड में राहत पैकेट के वितरण सहित तमाम योजनाओं की चर्चा करते हुए कहा कि ये काम पीसीएस अधिकारियों की बदौलत ही हो सके हैं। सूबे में जो बदलाव दिख रहा है, उसमें इनकी अहम भूमिका है। यह बदलाव रुकना नहीं चाहिए।
चाणक्य के संदेश की मुझे ज्यादा जरूरत
मुख्य सचिव राहुल भटनागर ने अपने संबोधन में अधिकारियों को चाणक्य के संदेश ‘राजा को स्वयं सुख की कामना नहीं करनी चाहिए। उसे समर्पित होना चाहिए। उसकी प्रजा में किसी को दु:खी नहीं होना चाहिए’ का हवाला देते हुए अधिकारियों को अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की सेवा पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी।
मुख्यमंत्री ने अपनी बात इसी से शुरू की। उन्होंने कहा, मुख्य सचिव चाणक्य का यह संदेश मुझे फॉरवर्ड कर दें। इसकी मुझे ज्यादा जरूरत है।
समस्याओं के समाधान, पदोन्नतियों के लिए सीएम का जताया आभार
एसोसिएशन के अध्यक्ष कैप्टन अमिताभ प्रकाश ने पीसीएस अधिवेशन के लिए समय देने और पीसीएस संवर्ग की समस्याओं के समाधान व पदोन्नतियों के लिए सीएम के प्रति आभार जताया। उन्होंने पीसीएस अफसरों को नियमित प्रशिक्षण दिलाने पर जोर दिया।
साढ़े चार साल में 16 बैच के पीसीएस आईएएस बनें
एसोसिएशन के महासचिव पवन गंगवार ने बताया कि 2012 के पहले जहां 1978 बैच के कुछ ही अधिकारी पदोन्नत हो पाए थे, वहीं बीते साढ़े चार साल में 16 बैच के पीसीएस अधिकारी आईएएस बने हैं। वेतनमानों में पदोन्नति भी मिली है। नियमित नियुक्ति के प्रस्ताव भी राज्य लोक सेवा आयोग जा रहे हैं जिससे युवा अधिकारियों की पूरी फौज काडर में आ गई है।
एसोसिएशन की मुख्य मांगें
पीसीएस अधिकारियों को समय-समय पर प्रशिक्षण दिया जाए ताकि वे नित-नए हो रहे बदलाव से वाकिफ हों।
पीसीएस अधिकारी आठ साल की सेवा पर आईएएस में पदोन्नति के योग्य हो जाते हैं, लेकिन इसमें 22 साल तक लग रहा है। केरल में 9-10 साल पर हो जाता है। पंजाब 18 साल की सेवा वाले पीसीएस अधिकारियों की उच्चतम वेतनमान 10000 ग्रेड पे में पदोन्नति दे देता है। यूपी में भी ऐसा ही किया जाना चाहिए।
1987 के बाद से कई वेतनमान पुनरीक्षित नहीं किए गए हैं। इससे विशेष वेतन प्रासंगिक नहीं रह गए हैं। दिल्ली की तरह सभी पीसीएस अधिकारियों को हर पांच साल में एक बार कैंप कार्यालय के लिए फर्नीचर, उपकरणों व सामग्रियों की खरीद के लिए सवा लाख रुपये तक की प्रतिपूर्ति की जाए।
उपजिलाधिकारी और उनके निर्देशन में काम करने वाले तहसीलदारों का एक समान ग्रेड पे-5400 है। इस वेतन विसंगति को दूर करने के लिए परिवीक्षा अवधि पूरा करने वाले जिलाधिकारियों को पांच वर्ष के स्थान पर दो साल में समयमान वेतनमान दिया जाए।
संवर्ग के सदस्यों की मदद के लिए बेनोवेलेंट फंड का गठन हुआ है। इससे सदस्यों को बीमारी, मृत्यु होने पर परिवार को आर्थिक सहायता दी जाती है। सरकार इसमें मदद दे तो सदस्यों को बेहतर मदद की जा सकेगी।
गुड गवर्नेंस, क्विक डिलवरी, क्विक डिसीजन पर चर्चा करें अफसर : भटनागर
मुख्य सचिव राहुल भटनागर ने पीसीएस अधिकारियों से कहा है कि वे अधिवेशन में संवर्ग की समस्याओं के साथ गुड गवर्नेंस, क्विक डिलवरी, क्विक डिसीजन पर भी चर्चा करें। इससे लोगों को लाभ मिलेगा।
उन्होंने कहा कि यूपी का पीसीएस देश की प्रांतीय सेवा में शीर्ष पर है। पीसीएस में ऐसे अधिकारी भी हैं जिनका आईएएस से भी मुकाबला नहीं। उन्होंने बताया कि 240 अधिकारियों को पीसीएस से आईएएस में, 1170 अधिकारियों को विभिन्न वेतनमानों में पदोन्नति दी गई है। 17 साल से विवादित वरिष्ठता सूची जारी करवा दी गई है।