मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रविवार को यूपी मूल के अप्रवासी भारतीयों से सीधा और गहरा नाता जोड़ने के लिए यूपी-एनआरआई वेबसाइट का शुभारंभ किया।
उन्होंने विभाग की दिग्दर्शिका का भी विमोचन किया। एनआरआई इस वेबसाइट के जरिये सरकार तक अपनी समस्याएं पहुंचा सकते हैं।अफसर समस्याओं का समाधान कर उन्हें बताएंगे। मुख्यमंत्री ने यहां यूपी-एनआरआई कार्ड देने की शुरुआत भी की।
मुख्यमंत्री ने अपने सरकारी आवास पर आयोजित कार्यक्रम में हर साल यूपी-एनआरआई दिवस मनाने और यूपी मूल के एनआरआई को सम्मानित करने का भी ऐलान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी के लोग कहीं भी रहें, वे हिंदुस्तानी ही कहे जाएंगे। वे अपने मूल से दूर होने के बावजूद गहरा रिश्ता रखते हैं।
दिल-दिमाग व भावना से जुड़े हुए हैं। कई लोग अपने गांव व समाज में कुछ करना चाहते हैं। एनआरआई ने देश का सम्मान बढ़ाया है। प्रदेश सरकार भी उन्हें सम्मानित करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार एनआरआई की हर समस्याओं का समाधान कराएगी और प्रदेश के विकास में भूमिका निभाने पर हर संभव मदद देगी। एनआरआई से इतना गहरा नाता जोड़ा जाएगा जो हमेशा बना रहेगा।
फिर उभरा सीएम का ‘भेदभाव’ वाला दर्द
मुख्यमंत्री का एक बार फिर यूपी के साथ भेदभाव का दर्द उभर आया। उन्होंने कहा, यहीं एक सज्जन से मिल रहे थे तो उनके कार्ड पर लिखा था एनसीआर दिल्ली का पार्ट है। उन्होंने कहा कि यह भेदभाव है। तमाम लोग ताजमहल को भारत का कहते हैं। सवाल है कि इसे यूपी का कब कहेंगे?
2016 का राष्ट्रीय अप्रवासी सम्मेलन यूपी में करने की मांग
एनआरआई विभाग के सलाहकार मधुकर जेटली ने प्रदेश में एनआरआई विभाग बनाने के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया।
उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि वे केंद्र सरकार से प्रयास कर 2016 का अप्रवासी भारतीय सम्मेलन प्रदेश में आयोजित कराने की पहल करें।
राज्य योजना आयोग के उपाध्यक्ष नवीन चंद्र वाजपेयी ने मुख्यमंत्री से अप्रवासी भारतीयों की समस्या सुलझाने के लिए काउंसिल ऑफ एनआरआई अफेयर्स के गठन का आग्रह किया। उन्होंने सलाह दी कि यह काउंसिल मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में होनी चाहिए।
इससे अप्रवासियों की समस्या का ठीक से समाधान हो सकेगा। इस मौके पर यूपी-एनआरआई वेबसाइट www.upnri.com का शुभारंभ करने के लिए प्रदेश मूल के कई अप्रवासियों ने मुख्यमंत्री को शुभकामनाएं भेजी।
एनआरआई ने अखिलेश को दी थी चोरी की खबर
मुख्य सचिव आलोक रंजन ने कहा कि अपनी प्रतिभा, कौशल व प्रतिबद्धता से भारतीयों ने पूरी दुनिया में महत्वपूर्ण स्थान बनाया है।
सरकार उनसे पूंजी निवेश के लिए तो आग्रह किया करेगी ही, उनके घर-परिवार की समस्याएं भी सुलझाई जाएंगी। उन्होंने बताया कि 17 जनवरी 2015 को पहला यूपी-एनआरआई-डे आगरा में मनाया जाएगा। इसमें मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश-प्रवासी भारतीय सम्मान भी देंगे।
यह सम्मान प्रदेश मूल के उन अप्रवासियों को मिलेगा जो अपने किसी विशिष्ट क्षेत्र अथवा व्यवसाय में असाधारण योगदान कर रहे होंगे।
मुख्यमंत्री ने खुलासा किया कि उन्हें राजधानी में हुई एक चोरी की जानकारी अपने लोगों से नहीं बल्कि अमेरिका में रहने वाले एनआरआई से मिली।
पूरा प्रयास कर काफी हद तक उसकी समस्या का समाधान कराया गया। इसके अलावा चंदौली में एक कार्यक्रम में एक व्यक्ति अपने को जिंदा साबित करने के लिए परेशान था। उसे ढुंढवाकर समस्या का समाधान कराया।