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UP: पुलिस ने कहा आदेश स्वैच्छिक, ठेलों पर नाम लिखना जरूरी नहीं, अखिलेश बोले- विभाजनकारी काम न करें

Thu, 18 Jul 2024 06:08 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

अखिलेश यादव ने कहा कि इस तरह के आदेश को पूरी तरह खारिज किया जाना चाहिए।  न्यायालय सकारात्मक हस्तक्षेप करते हुए शासन के माध्यम से ये सुनिश्चित करवाए कि भविष्य में ऐसा कोई भी विभाजनकारी काम शासन-प्रशासन नहीं करेगा।
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सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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मुजफ्फरनगर पुलिस ने कावंड़ यात्रा के मार्ग में पड़ने वाले ठेलों और दुकानों पर नाम लिखने के आदेश को स्वैच्छिक बताया है। कहा कि ठेलों पर नाम लिखना जरूरी नहीं है। इस पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि शासन-प्रशासन को ऐसे विभाजनकारी काम नहीं करने चाहिए। उन्होंने पुलिस के बयान पर कहा कि ये प्रेम और सौहार्द से उपजी एकता की जीत है।

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अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर लिखा कि मुजफ्फरनगर पुलिस ने जनता के भाईचारे और विपक्ष के दबाव में आकर आखिरकार होटल, फल, ठेलोंवालों को अपना नाम लिखकर प्रदर्शित करने के प्रशासनिक आदेश को स्वैच्छिक बनाकर जो अपनी पीठ थपथपायी है, उतने से ही अमन-औ-चैन पसंद करनेवाली जनता माननेवाली नहीं है। ऐसे आदेश पूरी तरह से खारिज होने चाहिए। 

माननीय न्यायालय सकारात्मक हस्तक्षेप करते हुए शासन के माध्यम से ये सुनिश्चित करवाए कि भविष्य में ऐसा कोई भी विभाजनकारी काम शासन-प्रशासन नहीं करेगा।

ये प्रेम और सौहार्द से उपजी एकता की जीत है।

इसके पहले अखिलेश यादव ने एक्स पर बयान देकर कहा था कि मुजफ्फरनगर पुलिस का आदेश सामाजिक अपराध है। माननीय न्यायालय स्वत: संज्ञान ले और ऐसे प्रशासन के पीछे के शासन तक की मंशा की जांच करवाकर, उचित दंडात्मक कार्रवाई करे। ऐसे आदेश सामाजिक अपराध हैं, जो सौहार्द के शांतिपूर्ण वातावरण को बिगाड़ना चाहते हैं।

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