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भाजपा सरकार काट रही अपने बचे हुए दिन: अखिलेश यादव

Sun, 19 Aug 2018 10:14 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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अखिलेश यादव - फोटो : amar ujala
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सपा अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि प्रदेश में शारदा, घाघरा, सरयू व राप्ती नदियों का उफान अभी थमा नहीं है। सैकड़ों गांव जलमग्न है। बड़ी संख्या में लोग लोग खुली छत के नीचे भगवान भरोसे जिंदगी के कठिन दिन काटने को मजबूर हैं। पशुओं के लिए चारे का संकट है, बच्चों के लिए दूध की किल्लत है। राहत सामग्री पहुंचाने की व्यवस्था लचर है।

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अखिलेश ने रविवार को बयान जारी कर कहा कि बाढ़ संकट से निबटने के लिए समाजवादी सरकार ने जो तैयारियां की थी, भाजपा सरकार ने उधर ध्यान ही नहीं दिया। बाढ़ से बचाव में लापरवाही बरतने का ही नतीजा है कि प्रदेशवासी ये बुरा समय देख रहे हैं। अगर शासन-प्रशासन सतर्क होता तो बाढ़ से इतनी क्षति नहीं होती।

ऐसा लगता है कि भाजपा सरकार बस अपने दिन काट रही है। चूंकि उसका प्रदेश के विकास का कोई विजन नहीं है इसलिए वह शिलान्यास का शिलान्यास और उद्घाटन का उद्घाटन करने में ही पूरी ताकत से लगी हुई है। जनता तकलीफ  में है,  भाजपा को उसकी कोई फिक्र नही। जनता भी सन 2019 में भाजपा का हिसाब-किताब करने का इंतजार कर रही है।
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सपा अध्यक्ष ने कहा, समाजवादी कार्यकर्ताओं से पहले ही कहा गया है कि वे बाढ़ पीड़ितों की मदद में जुट जाएं। बाढ़ग्रस्त इलाकों में फंसे लोगों तक खाद्य सामाग्री, वस्त्र, टार्च, पशुओं के लिए चारा, और बाढ़ पीड़ितों के आश्रय स्थलों पर तिरपाल की व्यवस्था करें। बाढ़ पीड़ितों के बच्चों के लिए दूध की व्यवस्था की जाए। बाढ़ के दिनों में बीमारियां भी खूब फैलती हैं इसलिए दवाइयों और चिकित्सा का भी इंतजाम होना चाहिए।

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केरल के लिए आगे आए अखिलेश-डिम्पल

अखिलेश यादव और उनकी पत्नी डिम्पल यादव केरल में जल प्रलय से बुरी तरह प्रभावित लोगों की मदद के लिए आगे आए हैं। वह निजी तौर पर बाढ़ पीड़ितों के लिए मदद भेजेंगे। उन्होंने दूसरे लोगों से भी सहयोग की अपील की है।

अखिलेश ने कहा, केरल बाढ़ की सबसे बड़ी विभीषिका से बुरी तरह त्रस्त हैं। ऐसे में दिल में उनका ख्याल आना लाजिमी है जो बदहाली में जी रहे हैं या जिनके प्रियजन अपनी जिंदगी खो चुके हैं। केरल सन 1924 के बाद इतनी बड़ी प्राकृतिक विपदा आई है।

चार सौ से ज्यादा जिंदगियां बाढ़ की चपेट में आकर खो गईं। लाखों बेघर हो गए हैं। कहा, केरल में जल प्रलय जैसी स्थिति दिल दहलाने वाली है। सड़क, ट्रेन, मेट्रो, हवाई सेवाएं बाधित हैं। इस आपदा में केरल के बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए उन्होंने स्वयं और उनकी पत्नी डिम्पल यादव ने अपनी ओर से मदद भेजना तय किया हैं।

उन्होंने दूसरे लोगों से भी व्यक्तिगत रूप से यथा संभव मदद की अपील की है। कहा कि केरल में ज्यादा से ज्यादा राहत सामग्री की जरूरत होगी। केरल के संकटग्रस्त लोगों की की मदद मानवता की जरूरत है।
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