मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर करारा प्रहार करते हुए कहा कि सीमा और अर्थव्यवस्था दोनों खतरे में हैं। नोटबंदी से कालेधन, भ्रष्टाचार और विदेशों में जमा धन की समस्या का समाधान नहीं होगा।
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लखनऊ मेट्रो के ट्रायल रन की शुरुआत और 12 शख्सियतों को यश भारती सम्मान से नवाजने के मौके पर गुरुवार को यहां सीएम ने कहा कि समाजवादी सरकार का काम में कोई मुकाबला नहीं कर सकता। केंद्र की ढाई साल की सरकार के पास दिखाने के लिए क्या है?
उन्होंने सजिकल स्ट्राइक के नाम पर गुमराह किया है। सीमा के हालात अच्छे नहीं हैं, देश की अर्थव्यवस्था पर खतरा है। करेंसी के संकट से अर्थव्यवस्था बर्बाद हो रही है।
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दिल्ली और मुंबई से मजदूर गांवों में लौट आए हैं। खेतों में बोआई नहीं हो पा रही है, किसान दुखी, परेशान हैं। बैंकों की शाखाओं में पैसा नहीं है।
वाराणसी मेट्रो का भी शिलान्यास करेंगे
सीएम ने कहा कि लखनऊ मेट्रो का काम देश में सबसे तेज रफ्तार से हुआ है। समाजवादी सरकार तीन शहरों गाजियाबाद, नोएडा और लखनऊ में मेट्रो ट्रेन पर काम कर रही है। जल्द ही कानपुर मेट्रो पर काम शुरू हो जाएगा। वाराणसी में भी मेट्रो का शिलान्यास करेंगे।
उन्होंने कहा कि मेट्रो की तरह एक्सप्रेस-वे का काम भी रिकॉर्ड समय में पूरा हुआ है। अभी हमने केवल दो राजधानियों को जोड़ा है। नेताजी (मुलायम सिंह) और हमें मौका मिला तो कश्मीर से कन्याकुमारी को ऐसे ही एक्सप्रेस-वे से जोड़ेंगे। जितनी रफ्तार तेज होगी, विकास और अर्थव्यवस्था उतनी ही तेजी से बढ़ेगी।
एक घंटे में चुनाव के लिए तैयार
सीएम ने कहा, आज मेट्रो ट्रेन का ट्रायल हुआ है, कल हम और आप इसमें बैठकर चलेंगे। हमसे किसी ने पूछा कि कब चुनाव के लिए तैयार हैं। हमने कहा था, एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन हो चुका, मेट्रो का उद्घाटन होने दीजिए, उसके एक घंटे बाद चुनाव के लिए तैयार हैं।
अखिलेश यादव व मुलायम सिंह यादव
- फोटो : amar ujala
अखिलेश ने कहा कि रामपुर और जौहर विश्वविद्यालय में जो काम हुआ है, उसकी कल्पना नहीं कर सकते। जौहर विश्वविद्यालय से आने वाली पीढ़यों का भविष्य सुधरेगा। आने वाले समय में रामपुर के लिए मेट्रो जैसा कोई बड़ा काम करेंगे। प्रदेश का कौन-सा जिला है, जहां कोई बड़ा काम नहीं हुआ। 45 जिलों को 4 लेन से जोड़ा गया है।
बड़े काम में होती ही है राजनीति
सीएम ने इशारों ही इशारों में मेट्रो ट्रेन के ट्रायल को लेकर हो रही राजनीति का भी जवाब दिया। साथ ही पलटवार भी किया। बोले, जब बड़ा कम होगा तो राजनीति भी होगी।
आजम ने पूर्व खनन मंत्री बोला तो लगे ठहाके
मंच से अभिवादन के दौरान आजम खां ने गायत्री प्रसाद प्रजापति के लिए जैसे ही पूर्व खनन मंत्री बोला, ठहाके गूंज उठे। इसके बाद उन्होंने गोपाल दास नीरज की कविता ‘एक दिल न मिला एक दिल के लिए’ और उदय प्रताप सिंह की कविता ‘न मेरा है, न तेरा है, ये हिन्दोस्तां सबका है। नहीं समझी गई यह बात तो नुकसान सबका है’ से भी संदेश देने की कोशिश की।