सीएम अखिलेश यादव व पूर्व पीएम एचडी देवगौड़ा
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रजत जयंती मना रही समाजवादी पार्टी में बैनर-पोस्टर-होर्र्डिंग्स में चेहरे भले ही पुराने हों, लेकिन उसके नारे बदल गए हैं। लोकसभा चुनाव के दौरान ‘मन से हैं मुलायम, इरादे लोहा हैं’ नारे को पीछे छोड़ते हुए इस बार ‘काम बोलता है देश-प्रदेश में अखिलेश का काम बोलता है’ का नारा युवा सपाइयों के दिलो-दिमाग पर छाया हुआ है।
दरअसल, सपा ही नहीं शनिवार को जुटे पुराने जनता परिवार के लिए भी सत्ता की उम्मीदों का केंद्र अखिलेश ही बन गए हैं। पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा से शरद यादव और लालू यादव से अजित सिंह तक, सभी ने अखिलेश और उनकी सरकार के कामकाज को लेकर जैसी तारीफें कीं, वह यही जाहिर करता है। यही नहीं, चाचा शिवपाल यादव को भी अखिलेश सरकार के काम को ऐतिहासिक बताना पड़ा।
कभी कंप्यूटर और अंग्रेजी की विरोधी रही सपा ने जब लैपटॉप बांटने की घोषणा की तो किसी को अंदाजा नहीं था क्रांति रथ पर सवार अखिलेश के साथ आया ये बदलाव इतनी दूर तक पहुंच जाएगा।
प्रगतिशील सोच ने बनाया हीरो
अखिलेश को मुलायम सिंह यादव भले ही सीएम का चेहरा न मान रहे हों लेकिन उनकी प्रगतिशील सोच ने उन्हें युवाओं का हीरो बना दिया है। अखिलेश को बाहुबली की तरह पेश करने वाले होर्डिंग्स तो यही बयां करते हैं।
तो वहीं ‘यह साइकिल है संघर्षों की...जश्न है आदर्शों का’, ‘लहू में देशभक्ति है तो आप भी समाजवादी हैं’ ‘धर्म से पहले नेक हैं तो आप भी समाजवादी हैं’ ‘गरीबों से हमदर्दी है तो आप भी समाजवादी हैं’ ‘इंसानियत के हिमायती हैं तो आप भी समाजवादी हैं’ नारे लिखे होर्डिंग्स बताती है कि अखिलेश युवा ही नहीं, हर वर्ग को साध रहे हैं।
शरद, लालू, अजित सबकी पसंद...
समारोह में शरद यादव ने अपने भाषण की शुरुआत-‘हमारे सपनों को जमीन पर उतारने वाले अखिलेश’ से किया, तो लालू यादव ने यूपी के लोकप्रिय मुख्यमंत्री और चुनाव में फिर जीतकर आ रहे मुख्यमंत्री बताया। वहीं, अजित सिंह ने मुलायम से आग्रह कर डाला कि आप देश संभालें, प्रदेश अखिलेश को सौंप दें।