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मुलायम की राह चले अखिलेश, अपनाया 'एमवाई' फॉर्मूला

Sat, 21 Jan 2017 10:42 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव - फोटो : amar ujala
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समाजवादी पार्टी ने एक बार मुस्लिम-यादव (एमवाई) का पुराना समीकरण आजमाया है। सपा ने शुक्रवार को 208 प्रत्याशियों की जो सूची जारी की है, उसमें 56 मुसलमान और 27 यादव हैं। पिछड़े वर्गों में कुर्मी, गुर्जर व जाट को प्राथमिकता दी गई है। एक सिख उम्मीदवार भी उतारा गया है।
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यादव और मुसलमान सपा का बेस वोट माने जाते हैं। इन्हीं के समीकरण से मुलायम सिंह पिछले 25 सालों से प्रदेश की राजनीति में मुख्य ध्रुव बने रहे हैं। मुलायम से अध्यक्ष पद लेने के बाद अब अखिलेश यादव भी उनकी राह पर चल पड़े हैं। उन्होंने मुस्लिमों पर बड़ा दांव लगाया है।

दूसरे चरण की 67 में से जिन 64 सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा की गई है, उनमें 34 प्रत्याशी मुस्लिम हैं। इसके बाद यादवों का नंबर है। 208 प्रत्याशियों में 39 दलित और 27 यादव हैं। इसके बाद क्षत्रियों का नंबर है। उन्हें 25 टिकट दिए गए हैं।
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सपा ने ब्राह्मणों को अपेक्षाकृत कम टिकट दिए हैं। हालांकि पश्चिमी यूपी में पहले और दूसरे चरण के मतदान वाले जिलों में ब्राह्मणों की आबादी पूर्वी यूपी की तुलना में कम भी है। सपा ने मेरठ कैंट से सिखों को प्रतिनिधित्व देते हुए सरदार परमेंद्र सिंह को उम्मीदवार बनाया है। मुजफ्फरनगर की बुढ़ाना सीट से त्यागी बिरादरी के (पूर्वी यूपी में भूमिहार ) प्रमोद त्यागी को टिकट दिया है। यह सीट मुजफ्फरनगर की सर्वाधिक दंगा प्रभावित रही हैं।

अखिलेश की पिछली सूची में 12 टिकट बदले

- फोटो : amar ujala
सीएम अखिलेश यादव ने 237 प्रत्याशियों की जो पिछली सूची जारी थी, उसमें 12 टिकट बदल दिए हैं।

थाना भवन से किरनपाल कश्यप की जगह सुधीर पंवार, देवबंद में मीना सिंह की जगह माविया अली, मुरादाबाद ग्रामीण सीट पर शमीमुल की जगह हाजी इकराम कुरैशी, नौगावां सादात से अशफाक अहमद खान की जगह जावेद आब्दी, टूंडला से महाराज सिंह की जगह भाजपा से आए शिव सिंह चक, शिकोहाबाद से ओमप्रकाश वर्मा की जगह संजय यादव, जसराना से रामवीर सिंह की जगह शिव प्रताप यादव, कासगंज से मानपाल सिंह और करहल से अंशुल यादव की जगह सोबरन यादव को टिकट दिया गया है।

महेंद्र अरिदमन सिंह के भाजपा में जाने के कारण बाह और खैरागढ़ के टिकट बदले गए हैं। एत्मादपुर में राकेश बघेल की जगह रामबेटी बघेल को उम्मीदवार बनाया है।

मुरादाबाद में सभी 6 उम्मीदवार मुस्लिम

- फोटो : amar ujala
दूसरे चरण की सीटों पर आधे से ज्यादा मुस्लिम प्रत्याशी हैं। मुरादाबाद की तो सभी 6 विधानसभा सीटों पर सपा ने मुस्लिम उम्मीदवार उतारे हैं। सहारनपुर व बिजनौर जिले में चार-चार सीटें मुसलमानों को दी गई हैं। अमरोहा, बरेली व बदायूं में तीन-तीन मुस्लिम प्रत्याशी हैं। दो-दो मुस्लिम प्रत्याशी तो कई जिलों में हैं।

20 महिलाओं को टिकट
सपा के दूसरी सूची में 20 महिलाएं हैं। पार्टी ने पुरकाजी, बाह, कासगंज, नकुड़, रामपुर मनिहारन, बिजनौर, असमौली, बिलासपुर, पुवायां, पलिया, गोपामऊ, सांडी, बालामऊ, रसूलाबाद, सिकंदरा, महाराजपुर, उन्नाव, भिनगा, बहराइच और एत्मादपुर से महिलाओं को टिकट दिया है।

आगरा कैंट (सुरक्षित) सीट से चंद्रसेन टपलू की पत्नी ममता टपलू को प्रत्याशी बनाया गया है। सपा की पहली सूची में चंद्रसेन का नाम था लेकिन कुछ दिन पहले ही उनका निधन हो गया।

देखें, किसे कितना प्रतिनिधित्व

- फोटो : amar ujala
मुस्लिम-56
दलित-39
यादव-27
क्षत्रिय 25

ब्राह्मण-11
वैश्य-10
कुर्मी-09
जाट-06

गुर्जर-08
लोध-05
कायस्थ-02
शाक्य-01

मांझी-01
सिख-01
कुशवाहा-01
अन्य-06

पिछड़ों, अति पिछड़ों पर भी नजर
सपा मुस्लिमों व यादवों को साधने के साथ ही पिछड़ों, अति पिछड़ों को भी जोड़ना चाहती है। पार्टी ने प्रत्याशियों की पहली सूची में पिछड़ी जातियों में कुर्मी, गुर्जर, जाट व लोधों को प्रतिनिधित्व दिया है। शाक्य, मांझी, कुशवाहा और सिखों को भी एक-एक टिकट दिया गया है।

पिछड़ी जातियों में 9 कुर्मी, 8 गुर्जर और 6 जाट प्रत्याशी बनाए गए हैं। लोध जाति के 5 उम्मीदवार हैं। कुशवाहा, शाक्य, मांझी को एक-एक सीट दी गई है। वैश्य समाज के 10 और दो कायस्थ उम्मीदवार हैं।

मुलायम के प्रति नरमी, शिवपाल समर्थक नपे

मुलायम ‌सिंह यादव - फोटो : amar ujala
सपा प्रत्याशियों की घोषणा में मुलायम सिंह समर्थकों के प्रति नरमी और शिवपाल के नजदीकियों पर गाज गिरी है। शिवपाल के करीबी कई विधायकों के टिकट कट गए हैं। सपा में पिछले दिनों हुए विवाद में एटा के विधायक आशीष यादव मुलायम सिंह और शिवपाल के पक्ष में मुखर रहे थे।

उन्होंने रामगोपाल यादव पर निशाना साधा था। वह विधानपरिषद के सभापति रमेश यादव के पुत्र हैं। अखिलेश यादव ने उनका टिकट काट दिया है। इसी जिले की पटियाली सीट से नजीबा जीनत खां को शिवपाल खेमे से जुड़ा होने का खामियाजा उठाना पड़ा है। उनका भी टिकट कट गया है।

शिवपाल का समर्थन फीरोजाबाद के दो विधायकों रामवीर सिंह और ओमप्रकाश वर्मा को भारी पड़ा। उनकी सीट पर नए लोगों को उम्मीदवार बनाया गया है। मुलायम के नजदीकी राज्यसभा सदस्य दर्शन सिंह यादव के विधायक भाई सोबरन सिंह को करहल से फिर प्रत्याशी बनाया गया है।

अखिलेश की पहली लिस्ट में उनका नाम काट दिया गया था। जावेद आब्दी को सपा के स्थापना दिवस में शिवपाल यादव द्वारा धक्का देकर हटाना उनके लिए अच्छा रहा। अखिलेश ने उन्हें नौगांवा से टिकट दिया है। विधूना के विधायक प्रमोद गुप्ता और इटावा के विधायक रघुराज शाक्य का टिकट भी कटा है।
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बेनी के बेटे कैसरगंज से लड़ेंगे चुनाव

मुलायम ‌सिंह यादव - फोटो : amar ujala
मुलायम के नजदीकी जयशंकर पांडेय को अंबेडकरनगर की कटहरी सीट से प्रत्याशी बनाया गया है। वह अयोध्या के प्रत्याशी तेजनारायण उर्फ पवन पांडेय के मामा हैं।

मुलायम ने पवन पांडेय का टिकट काटकर जयशंकर के बेटे को टिकट दिया था। अखिलेश ने पवन पांडेय को अयोध्या से उम्मीदवार बनाया, लेकिन मुलायम सिंह से नजदीकी के चलते जयशंकर को कटेही से टिकट दिया है।

मुलायम के पुराने सहयोगी बेनी प्रसाद वर्मा के बेटे राकेश वर्मा को रामनगर से तो टिकट नहीं दिया गया, लेकिन कैसरगंज से उम्मीदवार बना दिया। कैसरगंज से बेनी सांसद रह चुके हैं।

मुलायम व शिवपाल के नजदीकी समझे जाने वाले उदयराज सिंह यादव को भी उन्नाव की पुरवां सीट से प्रत्याशी बनाया है।
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