यूपी के सीएम अखिलेश यादव ने लखनऊ के सपा कार्यालय में प्रेस कांफ्रेंस करते हुए भाजपा व बसपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जनता ने हमें चुनाव में पूरा सहयोग किया है। इस बार फिर से यूपी में सपा की सरकार बनने जा रही है।
उन्होंने कहा कि भाजपा के लोग हमारे काम से परेशान हैं। इसलिए प्रधानमंत्री को वाराणसी में दो रोड शो करने पड़े।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो लो फेल होते हैं। वहीं दोबारा परीक्षा देते हैं। उन्होंने कहा कि जनता ने हमें हमारे रोड शो में जबरदस्त समर्थन दिया है। यूपी में सपा की सरकार बनने वाली है।
उन्होंने सवाल पूछते हुए कहा कि प्रधानमंत्री जी काशी को क्योटो बनाने की बात कहते थे, लेकिन अभी तक वहां बिल्कुल भी काम नहीं हुआ है। मैं उनसे कहना चाहता हूं कि आने वाले समय में जब सपा की सरकार आएगी तो वो काशी को क्योटो बनाने का प्लान हमारे पास लाएं। हम काशी को क्योटो बनाने में पूरा सहयोग करेंगे।
उन्होंने रोड शो के दौरान बिजली चली जाने की बात कहने पर प्रधानमंत्री को जवाब देते हुए कहा कि अगर सुरक्षा को देखते हुए बिजली कहीं बंद कर दी जाती है तो इसमें क्या दिक्कत है। प्रधानमंत्री की सुरक्षा जरूरी है। लेकिन इसका मतलब ये नहीं बनारस में बिजली नहीं आती।
अखिलेश ने वादा किया कि पहले के छह चरणों में जनता ने सपा-कांग्रेस गठबंधन का साथ दिया है। मुझे पूरा यकीन है कि आखिरी चरण में भी जनता हमारा ही साथ देगी।
अखिलेश ने मायावती को जवाब देते हुए कहा कि वो कहती हैं कि मैंने अपने घर में विदेशी पत्थर लगवाएं हैं। मैं कहूंगा कि वो 11 तारीख से पहले हमारे घर आएं और हमारे साथ चाय पिएं और देखें कि कौन से पत्थर लगे हैं। ये उनकी दूसरों के घर में झांकने की आदत है। गौरतलब है कि मायावती ने बयान दिया था कि अखिलेश ने अपने घर में विदेशी पत्थर लगवाएं हैं।
अखिलेश ने पत्रकारों से कहा कि आजकल आपको बुआजी के यहां बहुत सम्मान मिलता है। उनके पास जो भी जाता है रेंगता हुआ जाता है।
अखिलेश गायत्री प्रजापति मामले में भी बोले। उन्होंने कहा कि कानून अपना काम कर रहा है, पुलिस अपना काम कर रही है।
वहीं, प्रतीक को राजनीति में लाने पर अखिलेश ने कहा कि आपने देर से ये सवाल पूछा। मैं अंबेडकरनगर से जनसभा सम्बोधित करने के बाद सीधे यहां आकर बैठ गया हूं। अभी कान भी ठीक से नहीं खुले। यह ध्यान देने योग्य है कि सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव की पत्नी साधना यादव ने मीडिया से बातचीत में अपने बेटे प्रतीक यादव को राजनीति में लाने की इच्छा व्यक्त की थी और अखिलेश से नाराजगी जताई थी। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि मैं चाहती हूं कि यूपी में फिर से सपा की सरकार बनें और अखिलेश यादव ही मुख्यमंत्री बनें।