मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का कहना है कि सरकार ने बुंदेलखंड में पानी की समस्या दूर करने के लिए पर्याप्त धन मंजूर किया है। खराब हैंडपंपों को रिबोर व ठीक कराया जा रहा है। तालाब खुदवाए जा रहे हैं।
हर ग्रामसभा में टैंकरों के जरिये पानी पहुंचाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मंगलवार को वह सूखा पीड़ितों को राहत सामग्री का वितरण करने के लिए ललितपुर जा रहे हैं। बुंदेलखंड में राहत के लिए सरकार पैसे की कोई कमी नहीं होने देगी।
सोमवार को कैबिनेट की बैठक के बाद पत्रकारों के सवालों के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि बुंदेलखंड में पेयजल संकट को लेकर सरकार गंभीर है। हैंडपंप ठीक कराने व तालाबों को खोदवाने के साथ-साथ टैंकरों से लोगों और मवेशियों के लिए पानी पहुंचाने की व्यवस्था की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मंगलवार को वह ललितपुर जा रहे हैं। वह सूखा पीड़ितों को राहत सामग्री वितरित करेंगे। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड में और भी जो जरूरत होगी उसे उपलब्ध कराया जाएगा। इसमें पैसे की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी।
विपक्षी भी कर रहे हैं विकास के काम की चर्चा
यह पूछे जाने पर कि बसपा प्रमुख मायावती के पिता ने उनकी तारीफ की है लेकिन सरकार की आलोचना? मुख्यमंत्री ने मजाकिया लहजे में कहा कि उन्हें बुआजी (मायावती) ही कहा करें। जहां तक सरकार के काम और डवलपमेंट की बात है तो विपक्ष के लोग भी मान रहे हैं कि विकास हुआ है। सरकार के विकास की चर्चा विपक्ष के लोग भी कर रहे हैं।
बसपा पर निशाना साधते हुए अखिलेश ने कहा कि अब वह (मायावती) दावा कर रही हैं कि इस सरकार में जो काम हुए हैं वह उनके हैं। पता नहीं कहां-कहां से पुराने काम निकालकर ला रहे हैं।
उनके समय में एक्सप्रेस-वे कैसे बना था। सबको पता है। लाठियां-गोलियां चलती थीं। बवाल होता था। डवलपर्स को बड़े-बड़े पार्सल दे दिए। इतने बड़े कि उस पर कई और एक्सप्रेस-वे बन सकते थे।
दिल्ली वालों की बात समझने के लिए करनी पड़ेगी मेहनत
यह पूछे जाने पर कि बिजली की बदहाली को लेकर केंद्र ने यूपी को कटघरे में खड़ा किया है? मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली वालों की बात समझने में काफी मेहनत करनी पड़ेगी।
यूपी ने उन्हें सबसे ज्यादा सांसद दिए। हम कहते हैं कि बिजली का कोटा बढ़ा दो तो वह खरीदने की बात करते हैं। बिजली के लिए हम काफी काम कर रहे हैं। उत्पादन बढ़ा रहे हैं। ट्रांसमिशन व वितरण व्यवस्था ठीक कर रहे हैं।
शराबबंदी पर विचार नहीं
बिहार के मुख्यमंत्री द्वारा यूपी व उत्तराखंड में भी शराबबंदी करने की सलाह दिए जाने के सवाल पर पहले तो सीएम ने मजाकिया लहजे में कहा कि अभी सही वक्त नहीं है। एक घंटे बाद ही वक्त आएगा। फिर उन्होंने कहा कि फिलहाल ऐसा कोई विचार नहीं है।