आज लोहिया ट्रस्ट में मीडिया से बात करते वक्त मुलायम भले ही अखिलेश से नाराज नजर आए हों लेकिन बेटे का मोह भी उनके हाव भाव और बयानों से झलकता रहा। एक ओर वह अखिलेश को बाप को धोखा देने वाला बोले, वहीं दूसरी ओर उन्होंने अखिलेश को आशीर्वाद भी दिया।
नई पार्टी के गठन को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लगाते हुए उन्होंने उसी पार्टी (समाजवादी पार्टी ) से लोगों को जुड़ने और मजबूत करने की अपील की, जिससे उन्होंने किनारा कर रखा है।
मुलायम के ये विरोधाभासी बयान पुत्र और अपनी बनाई पार्टी के प्रति मोह को साफ दर्शाते हैं। अपने पिता का खुद के प्रति यह झुकाव शायद अखिलेश भी बखूबी समझते हैं। शायद इसीलिए वह हर मंच पर पूरे आत्मविश्वास के साथ यह कहते हैं कि नेता जी का आशीर्वाद उनके साथ है।
सपा संस्थापक की प्रेस कॉफ्रेंस के बाद पूर्व सीएम अखिलेश ने ट्वीटर पर लिखा कि नेता जी जिंदाबाद, समाजवादी पार्टी जिंदाबाद।