आज लोहिया ट्रस्ट में मीडिया से बात करते वक्त मुलायम भले ही अखिलेश से नाराज नजर आए हों लेकिन बेटे का मोह भी उनके हाव भाव और बयानों से झलकता रहा। एक ओर वह अखिलेश को बाप को धोखा देने वाला बोले, वहीं दूसरी ओर उन्होंने अखिलेश को आशीर्वाद भी दिया।
नई पार्टी के गठन को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लगाते हुए उन्होंने उसी पार्टी (समाजवादी पार्टी ) से लोगों को जुड़ने और मजबूत करने की अपील की, जिससे उन्होंने किनारा कर रखा है।
मुलायम के ये विरोधाभासी बयान पुत्र और अपनी बनाई पार्टी के प्रति मोह को साफ दर्शाते हैं। अपने पिता का खुद के प्रति यह झुकाव शायद अखिलेश भी बखूबी समझते हैं। शायद इसीलिए वह हर मंच पर पूरे आत्मविश्वास के साथ यह कहते हैं कि नेता जी का आशीर्वाद उनके साथ है।
सपा संस्थापक की प्रेस कॉफ्रेंस के बाद पूर्व सीएम अखिलेश ने ट्वीटर पर लिखा कि नेता जी जिंदाबाद, समाजवादी पार्टी जिंदाबाद।
मुलायम सिंह का प्रेस नोट
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सपा संस्थापक मुलायम सिंह और शिवपाल द्वारा नई पार्टी के गठन की अटकलें कोरी नहीं थी। यह खुलासा आज आयोजित लोहिया ट्रस्ट की बैठक में मुलायम के हाथ में मौजूद प्रेस नोट से हुआ। यदि मुलायम सिंह पहले से तैयार प्रेस नोट पढ़ गए होते तो आज एक नई पार्टी की घोषणा हो गई होती।
मीडिया से रूबरू मुलायम ने अपनी बात प्रेस नोट को पढ़कर रखनी शुरू की थी, लेकिन बीच-बीच में उसमें लिखी कुछ बातों से वह असहज महसूस करते रहे। कुछ बातों को वो बीच में छोड़ भी गए और बाद में प्रेस नोट को एक किनारे रखकर सीधे संवाद करने लगे।
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प्रेस कॉफ्रेंस के बाद मीडिया के हाथ लगे इस प्रेस नोट में नई पार्टी के गठन का उल्लेख किया गया है। इसमें लिखा है कि देश के कार्यकर्ताओं की भावनाओं का सम्मान रखते हुए मैंने फैसला किया है कि अलग संगठन दल बनाकर समान विचारधारा वाले लोगों को साथ लेकर अलग राजनैतिक रास्ता बनाया जाएगा।