फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अखिलेश ने फेंका एक और मुस्लिम कार्ड

Thu, 27 Feb 2014 11:26 AM IST
अजीत बिसारिया/अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
विज्ञापन
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बाकी बचे मोअल्लिम डिग्रीधारकों को भी जल्द नौकरी देने का वादा किया है। उन्होंने कहा कि आजाद हिंदुस्तान में उर्दू और हिंदी पर अंग्रेजी हावी रही, इसलिए हम तरक्की में पिछड़ गए।
विज्ञापन


वह अपने आवास पर आयोजित मौलाना आजाद एकेडमी के कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।

सीएम ने कहा कि महात्मा गांधी और मौलाना आजाद को मुसलमान कभी नहीं भूल सकता। इन दोनों ही महापुरुषों ने हिंदू-मुस्लिम भाईचारा कायम करने और मुसलमानों को आगे बढ़ाने के लिए काफी काम किया।

उन्होंने कहा कि सभी समाजवादी मौलाना आजाद का बेहद सम्मान करते हैं। तालीम के क्षेत्र में दिए उनके योगदान को हमेशा याद करते हैं।

उन्होंने फिरकापरस्त ताकतों से सावधान रहने की हिदायत देते हुए कहा कि चुनाव आते ही ये ताकतें काफी सक्रिय हो गई हैं।

उन्होंने कहा कि कुछ रास्ता निकालते हुए ढाई हजार मुअल्लिम डिग्रीधारकों को नौकरी दे दी गई है। बाकी बचे डिग्रीधारकों को भी जल्द ही नौकरी दी जाएगी।

सीएम ने मौलाना आजाद एकेडमी के कामों की तारीफ करते हुए उन्हें हर साल 15 लाख रुपये अनुदान देने की घोषणा भी की।

कार्यक्रम में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट उर्दू माध्यम से भी कराने की मांग उठी। अरबी के विद्वान मौलाना सईद उर्रहमान आजमी और शारिक अल्वी को मौलाना आजाद अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।
विज्ञापन


हिंदी मासिक पुस्तिका ‘आजाद अकादमी जर्नल’ का विमोचन भी किया गया। इस मौके पर कारागार मंत्री राजेंद्र चौधरी, बेसिक शिक्षा मंत्री राम गोविंद सिंह चौधरी, प्रमुख सचिव (सूचना) नवनीत सहगल, सूचना निदेशक प्रभात मित्तल भी मौजूद रहे।

सपा में बढ़ा मुस्लिमों का ऐतबार
स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन ने कहा कि 1991 में मुलायम सिंह यादव ने बाबरी मस्जिद बचाने के लिए जिस तरह से गोलियां चलवाई थी, उससे सपा पर मुसलमानों का ऐतबार बढ़ा है। उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज को आगे बढ़ाने का जो काम पहले मौलाना आजाद ने किया, वही काम अब सपा सरकार कर रही है।

इसका सबसे बड़ा सुबूत है कि 22 अप्रैल 2013 को मुख्यमंत्री का प्रधानमंत्री को लिखा पत्र, जिसमें उन्होंने मुसलमानों को 13.5 फीसदी आरक्षण देने की मांग की है।
विज्ञापन

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें