सरकार पर पड़ रहे चौतरफा दबाव के बाद अखिलेश ने बदायूं मामले की जांच सीबीआई से कराने की हामी भर दी है।
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उन्होंने कहा है कि अगर पीड़ित परिवार सीबीआई जांच चाहता है, तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। पीड़ित परिवार की संतुष्टि के लिए मुख्यमंत्री सीबीआई जांच के लिए तैयार हैं।
उन्होंने कहा कि इस सम्बन्ध में शीघ्र ही केन्द्र सरकार को अनुरोध पत्र भेजा जाएगा। मुख्यमंत्री शनिवार को बदायूं की घटना की समीक्षा कर रहे थे, जिसमें यह बात सामने आई कि पीड़ित का परिवार मामले की जांच सीबीआई से करवाना चाहता है।
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गौरतलब है कि, लडकियों के परिवारों को पुलिस और प्रशासन से इंसाफ की उम्मीद नहीं है और वो सीबीआई जांच की मांग कर रहे थे।
जावेद गए, आलोक होंगे नए मुख्य सचिव
यूपी के मुख्य सचिव जावेद उस्मानी को हटा दिया गया है। उनकी जगह आलोक रंजन को नया मुख्य सचिव बनाया गया है।
आलोक रंजन 1978 बैच के आईएएस अधिकारी हैं और माना जाता है कि वे अखिलेश के काफी करीबी भी हैं।
माया सरकार के बाद अकेले आलोक रंजन ही थे, जिनका प्रमोशन नहीं किया गया था।
पिछले दिनों यह भी खबर आई थी कि जावेद उस्मानी यूपी छोड़कर अब मोदी सरकार के तहत केंद्र की पोस्टिंग चाहते हैं। माना जा रहा है कि इस वजह से भी उस्मानी को अचानक मुख्य सचिव पद से बेदखल कर दिया गया है।
सभी पांच आरोपी गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश के बदायूं में दो लडकियों के सामूहिक बलात्कार के बाद उनकी हत्या करने के मामले में सभी अभियुक्तों की गिरफ्तारी हो गई है।
जिले के एसएसपी अतुल सक्सेना ने बीबीसी को बताया कि इस मामले में दो और लोगों की गिरफ्तारी हुई है। इस वारदात में पुलिस को जिन पांच लोगों की तलाश थी, उन सभी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
इनमें से तीन लोगों के ऊपर सामूहिक बलात्कार और हत्या का आरोप है। वहीं दो पुलिसकर्मियों के ऊपर आरोप है कि उन्होंने तीन अभियुक्तों की मदद की और गांव के लोग उनसे मदद मांगने आए तो उनकी मदद नहीं की।
अखिलेश ने लगाई फटकार
बदायूं रेप और मर्डर केस पर प्रदेश सरकार की हो रही किरकिरी के बाद अखिलेश का गुस्सा पुलिस महकमे पर फूटा। उन्होंने बैठक में पुलिस प्रशासन को फटकार लगाई साथ ही दो पुलिसकर्मियों को भी निलंबित कर दिया।
वहीं अब इस मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने घटना को गम्भीरता से लेते हुए डीजीपी सहित पुलिस अधिकारियों को कड़ी फटकार भी लगाई है।
इसके अलावा प्रभावित परिवार को पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराने व उन्हें पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए हैं।
की मामले की समीक्षा
घटना के तीसरे दिन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शुक्रवार को पुलिस महानिदेशक एएल बनर्जी सहित वरिष्ठ अधिकारियों के साथ जनपद बदायूं की इस घटना की समीक्षा की।
उन्होंने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा इस प्रकरण में जो लोग अभी गिरफ्तार नहीं हुए हैं उन्हें विशेष टीम गठित कर तत्काल गिरफ्तार किया जाए।
उन्होंने कहा कि इस घटना को एक नजीर मानते हुए फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाकर दोषियों को शीघ्र सजा दिलाई जाएगी। ताकि इस तरह की घटनाएं भविष्य में न हों।
उन्होंने पुलिस महानिदेशक को ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े एवं प्रभावी कदम उठाने के भी निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि लापरवाह पुलिस कर्मियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
पुलिस कर्मी हुए बर्खास्त
बदायूं कांड मामले में आरोपी दोनों पुलिस कर्मियों को प्रदेश सरकार ने बर्खास्त कर दिया है।
इनमें आरक्षी सर्वेश व हेड कांस्टेबिल छत्रपाल शामिल हैं। पुलिस आरोपी सर्वेश को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
जबकि हेड कांस्टेबिल छत्रपाल अभी फरार है। प्रारंभिक जांच के बाद सरकार ने इन दोनों पुलिस कर्मियों को बर्खास्त करने के आदेश जारी कर दिए हैं।
बदायूं के कटरा सआदतगंज के उसहैत गांव में मंगलवार 27 मई की शाम शौच के लिए निकलीं 14 व 15 वर्ष की चचेरी बहनों का अपहरण कर पहले उनके साथ गैंग रेप किया गया। इसके बाद उन्हें फांसी पर लटकाकर मार दिया गया।
इस ह्रदयविदारक घटना की जानकारी अगले दिन यानी 28 मई की सुबह हुई। इस मामले में एक ही परिवार के तीन भाइयों सहित कुल पांच लोग शामिल थे।
ग्रामीण किशोरियों के गायब होने के बाद 27 मई की रात ही इस मामले की रिपोर्ट लिखाने संबंधित पुलिस चौकी पहुंचे तो उन्हें भगा दिया गया। इसी चौकी में आरक्षी सर्वेश व हेड कांस्टेबिल छत्रपाल तैनात थे।
ऐसा माना जा रहा है यदि रात में ही पुलिस हरकत में आ जाती तो दोनों किशोरियों की जान बच सकती थी। पुलिस ने पांच आरोपियों के साथ ही इन दोनों पुलिस कर्मियों के नाम भी प्राथमिकी में दर्ज किए हैं।