समाजवादी पार्टी से निलंबित जिले के चारों बागी विधायकों का दामन दागदार रहा है। इन पर जमीन पर कब्जा करने, अवैध वसूली समेत कई गंभीर आरोप लग चुके हैं। इनकी वजह से पार्टी की भी कई बार किरकिरी हुई।
हालांकि तब किसी तरह मामला रफा-दफा कर दिया गया। पर अब हाल ही में हुए जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में इन माननीयों ने फिर गुल खिलाया। पार्टी उम्मीदवार सीमा गुप्ता के खिलाफ बगावत कर दी।
बुधवार को इन चारों विधायकों को सपा विधानमंडल दल के साथ पार्टी से निलंबित कर दिया गया। कार्रवाई से जिले का सियासी पारा गरमा गया है।
जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी को लेकर जिले में सपा दो खेमों में बंट गई थी। इससे सपा उम्मीदवार सीमा गुप्ता को हार का मुंह देखना पड़ा और पार्टी के बागी बिसवां विधायक रामपाल यादव का बेटा जितेंद्र चुनाव जीत गया था।
पार्टी की हार से खूब किरकिरी हुई। अब हाईकमान ने सदर विधायक राधेश्याम जायसवाल, सिधौली विधायक मनीष रावत, सेउता विधायक महेंद्र सिंह ‘झीन’ तथा महोली विधायक अनूप गुप्ता को सपा विधानमंडल दल के साथ ही पार्टी से निलंबित कर दिया गया।