मुख्यमंत्री अखिलेश यादव यूपी के बिजली संकट को खत्म नहीं कर पा रहे हैं, लेकिन वाराणसी को बिजली देने पर खुशी जताते हुए उन्होंने बिजली संकट को लेकर बड़े वादे कर डाले।
सोमवार को वाराणसी में पर्यटन मंत्री ओमप्रकाश सिंह के यहां मांगलिक समारोह में शिरकत करने आए मुख्यमंत्री पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
अखिलेश ने कहा है कि अगर जरूरत पड़ी तो विदेशों से कोयला मंगाकर बिजली घरों को चलाया जाएगा।
बातचीत के दौरान अखिलेश ने चुटकी लेते हुए कहा कि बनारस को तो 24 घंटे बिजली दे दी, लेकिन आपने धन्यवाद तक नहीं दिया।
कानून व्यवस्था पर नहीं बोले कुछ
अखिलेश ने कहा कि प्रदेश सरकार विकास कार्यों में लगी है और अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने फीरोजाबाद में मुठभेड़ में मारे गए पुलिसकर्मियों को 20-20 लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा की, लेकिन कानून व्यवस्था से जुड़े प्रश्न पर टिप्पणी करने से इंकार कर दिया।
उन्होंने फीरोजाबाद में बदमाशों की गोली से मारे गए पुलिसकर्मियों की बाबत कहा कि यह कानून व्यवस्था की नाकामी नहीं है। हमारे पुलिसकर्मी बदमाशों का मुकाबला करते हुए शहीद हुए हैं।
सरकार ने उनके परिवार को 20-20 लाख रुपये देने का फैसला किया है।
बिजली के बिना खुशहाली नहीं
बिजली संकट से जुड़े एक सवाल पर उन्होंने कहा कि बिजली के बिना खुशहाली नहीं आ सकती। सरकार बिजली के उत्पादन, पारेषण और वितरण की व्यवस्था को मजबूत करने में लगी है।
इलाहाबाद में 660 मेगावाट की सुपर क्रिटिकल पावर की तीन इकाइयों के साथ ही ललितपुर में जल्द ही उत्पादन शुरू हो जाएगा। इसके अलावा उत्तराखंड के श्रीनगर में जेवीके की विद्युत उत्पादन इकाई तैयार हो गई है।
पिछली सरकार ने पांच साल तक हॉलीडे मनाया, जिसके चलते पारेषण लाइन नहीं बन पाई। यह काम अब पूरा हो गया है। वहां से महीने भर में बिजली मिलने लगेगी। पावर इकाइयों को विदेश से कोयला मंगाकर चलाने की अनुमति दे दी गई है।
यदि देश में कोयला नहीं मिलता है तो भी दूसरे देशों से कोयला मंगाकर विद्युत उत्पादन किया जाएगा।
समय से पूरा करेंगे हर काम
अखिलेश ने विकास कार्यों का हवाला देते हुए कहा कि हम विकास के काम में लगे हैं और हर काम की समयबद्धता तय की जा रही है।
हमने एम्स, इंडियन इंस्टीट्यूट आफ होटल मैनेजमेंट, फूड पार्क के लिए उद्यमियों को जमीन मुहैया कराई है।
सैदपुर, जमानियां, चुनार, बलिया, रामनगर सहित सभी पुलों को बनाने की डेटलाइन तय कर दी है। दो साल में इनको बनाने को कहा गया है।