गोविंद बल्लभ पंत की जंयती के अवसर पर बुधवार सुबह
विधानभवन के सामने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने राज्यपाल राम नाइक के साथ
पंत की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।
इसके बाद, पत्रकारों से बात करते हुए अखिलेश ने एक बार फिर मोदी सरकार पर
हमला बोला। उन्होंने कहा कि यूपी में खस्ताहाल बिजली के लिए केंद्र ही
जिम्मेदार है।
उन्होंने बताया कि पिछली सरकार में बिजली परियोजनाएं शुरू करने के लिए
एमओयू किए गए थे। अखिलेश ने मांग की कि उन 10 बिजली परियोजनाओं के लिए
केंद्र को कोयला देना चाहिए। अखिलेश ने आरोप लगाया कि ये कोयला न होने की
वजह से लटकी हुई हैं।
गौरतलब है कि कोल लिंकेज न मिलने की वजह से बजाज हिंदुस्तान ने ललितपुर में
अपनी 1980 मेगावाट की एक और परियोजना से हाथ खींच लिया है।
इसी तरह, टोरेंट ने संडीला में 1320 मेगावाट के बिजलीघर का करार रद्द कर दिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार यूपी के लोगों को पर्याप्त बिजली
उपलब्ध कराना चाहती है लेकिन केंद्र सरकार जरूरत भर कोयला नहीं उपलब्ध
करा रही है। इसके कारण बिजली घरों में कई इकाइयां बंद हो गई हैं और बहुत सी
इकाइयों को कम क्षमता पर चलाना पड़ रहा है।
उन्होंने केंद्र से यूपी के बिजलीघरों को पर्याप्त कोयला उपलब्ध कराने के
साथ साथ गंभीर बिजली संकट को देखते हुए कोटा बढ़ाने की मांग भी दोहराई।