मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रदेश के बिजली संकट के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहरा दिया है। उन्होंने कहा, केंद्र से कोटे की जितनी बिजली मिलनी चाहिए उससे एक हजार मेगावाट कम मिल रही है।
यूपी का कोटा और बढ़ना चाहिए जबकि हमें कोटे से भी कम बिजली दी जा रही है। साथ ही कोयला भी पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल रहा है। इस कारण प्रदेश की उत्पादन इकाइयां पूरी क्षमता से नहीं चल पा रही हैं।
मुख्यमंत्री रविवार को अपने आवास पर एक कार्यक्रम के बाद पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा, प्रदेश सरकार ने बिजली उत्पादन के क्षेत्र में भी काफी काम किया है। इसका परिणाम कुछ वर्षों में दिखने लगेगा।