मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने जिस लोहिया समग्र गांव को सजा संवरा देखा, वह उनके जाने के 24 घंटे बाद ही बदरंग हो गया।
जो सड़कें और नालियां बुधवार को चमचमा रही थीं, उनमें गुरुवार को गंदगी और जलभराव नजर आया। यही नहीं तेजी से शुरू हुए विकास कार्य ठप हो गए, बिजली गुल हो गई।
रातभर बिजली नहीं आई। ग्रामीणों की समस्याएं जस की तस हो गईं। जिन कामों को तेजी से कराने की सीएम ने नसीहत दी थी, उन पर अभी तक अमल शुरू नहीं हुआ।
लोगों को सीएम के आने के बाद से विकास को लेकर उम्मीदें बहुत थीं, लेकिन एक ही दिन में आशा की किरण धूमिल होती दिखने लगी।
फिर वही नारकीय जीवन ग्रामीणों का साथी बन गया है। गांव के लोगों की जिंदगी फिर पुराने ढर्रे पर लौट आई है।
बछरावां ब्लॉक क्षेत्र के डॉ. राम मनोहर लोहिया गांव रैन में बुधवार को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के पहुंचने से ग्रामीणों को ऐसा लगा कि उनका गांव चमन हो जाएगा।
चमक गई थीं नालियां व सड़कें
सीएम के स्वागत के लिए रातोंरात सैकड़ों सफाई कर्मियों को लगाकर गांव को पूरी तरह से चमकाने का प्रयास किया गया। सड़कों, नालियों को साफ-सुथरा किया गया था। बिजली भी जब से आई थी, नहीं गई, लेकिन मुख्यमंत्री के जाने के बाद जहां बिजली गुल हो गई, वहीं गुरुवार को गांव की सड़कों और गलियों की सफाई नहीं कराई गई।
नालियों में गंदा पानी बजबजा रहा है। गांव की कई सड़कों के किनारे नाली न बनने के कारण पानी खड़ंजा मार्ग से ही बह रहा है।
गांव के कई खड़ंजा मार्ग पर चलना दूभर है। ग्रामीण किसी तरह से निकलने को मजबूर हैं। यही नहीं नाली व खड़ंजा निर्माण का शुरू हुआ काम भी सीएम के लौटने के बाद बंद हो गया।
एक दिन व एक रात बिजली का पूरा आनंद लेने वाले ग्रामीणों को बुधवार रात और गुरुवार को बिजली नहीं मिली। ग्रामीणों का कहना है कि राजामऊ-रैन के बीच पैचिंग होने से थोड़ी जरूर राहत मिल गई है।
सीएम के दौरे को लेकर चर्चाएं
सीएम के जाने के बाद रैन गांव के बाहर नहर के पास वाली दुकान पर गुरुवार को सुबह से ही भीड़ रही। गांव के लोग समस्याओं का निराकरण न होने पर नाराजगी भी जता रहे थे।
कुछ लोग यह भी कह रहे थे कि सीएम ने सीसी रोड व अन्य कार्यों का वादा किया है, जल्द ही गांव का विकास होगा। तो कुछ लोग यह भी कह रहे थे कि कुछ नहीं होगा।
सालों से समस्या झेल रहे हैं, तब कुछ नहीं हुआ तो अब क्या होगा। कहते नजर आए कि कोटा सील करा दिया गया है, लेकिन कहीं और से संबद्ध नहीं किया गया है। आखिर ईद की चीनी कैसे मिलेगी।