नगर विकास एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री आजम खां की जिद के आगे आखिरकार अखिलेश को झुकना हीं पड़ा। आजम खां के कहने पर उन्होंने डीआईजी को हटा दिया।
प्रदेश सरकार ने डीआईजी दुर्गा चरण को हटाकर पीएसी लखनऊ में तैनात कर दिया है।
वहीं पीएसी लखनऊ में तैनात गुलाब सिंह को मुरादाबाद का नया डीआईजी बनाया गया है।
कुछ दिनों पहले ही रामपुर से हटाए गए एसपी राम कृष्ण भारद्वाज को डीजीपी ऑफिस अटैच किया गया था। अब उन्हें सरकार ने 20वीं वाहिनी पीएसी आजमगढ़ का सेनानायक बनाया गया है।
मुख्यमंत्री ने बुलाई बैठक
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रामपुर मामले को लेकर बृहस्पतिवार को एक पंचायत बुलाई थी। इसमें आजम के अलावा प्रमुख सचिव गृह अनिल कुमार गुप्ता, डीजीपी, आईजी जोन, डीआईजी मुरादाबाद, डीएम सहित कई लोगों को तलब किया गया था।
मुख्यमंत्री ने इस मामले की पूरी जानकारी लेने के बाद डीआईजी को हटाने का आदेश जारी किया। उल्लेखनीय है कि रामपुर में वाहन चेकिंग के दौरान कुछ युवकों और सिपाहियों के बीच विवाद के बाद मारपीट हो गई।
तब पुलिस ने तीन भाइयों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। दरअसल इस मामले की पैरवी खुद मंत्री ने पुलिस से की थी। पुलिस की इस कार्रवाई से मंत्री नाराज थे। इस मामले में उस वक्त नया मोड़ आया जब आजम ने अजीमनगर थाने में छापा मारा।
आजम ने लगाया था आरोप
थाने में तमाम अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए आजम ने एसओ पर शराब के नशे में होने की बात कही थी। हालांकि तत्कालीन एसपी ने एसएसओ की जांच रामपुर में कराने के बजाय मुरादाबाद में करा दी थी।
इस जांच में एल्कोहल की रिपोर्ट निगेटिव आई थी। तत्कालीन एसपी आरके भारद्वाज ने इस मामले में तत्काल कोई कार्रवाई न करते हुए जांच एएसपी को सौंपी थी।
बाद में आजम ने एसपी आरके भारद्वाज को भी रामपुर से हटवा दिया था। इसके बाद एसओ को लाइन हाजिर कर दिया गया। इसी मामले में पुलिस अधिकारियों की कार्रवाई से आजम नाराज चल रहे थे।
इस मामले में शासन ने अजीमनगर थाने के दो दरोगा और इतने ही सिपाहियों को सस्पेंड कर मामले की जांच एंटी करप्शन ब्यूरो को सौंप दी है। प्रभारी एसपी ने पूरे मामले की रिपोर्ट प्रमुख सचिव को सौंपी है।