बदायूं के कटरा सआदतगंज में दो किशोरियों की गैंगरेप के बाद फांसी पर लटकाकर हत्या के मामले में पीएमओ ने गृह मंत्रालय के जरिए प्रदेश सरकार से रिपोर्ट मांगी है।
राज्य सरकार ने गुपचुप तरीके से केंद्र को यह रिपोर्ट भेज दी है। हालांकि, गृह सचिव कमल सक्सेना ने केंद्र द्वारा रिपोर्ट मांगने की बात से इंकार किया है।
बदायूं में हुई हैवानियत भरी घटना को पीएमओ ने गंभीरता से लिया है। पीएमओ ने गृह मंत्रालय के जरिए इस मामले की बिंदुवार जानकारी मांगी है।
मंत्रालय ने विस्तृत जानकारी में पूछा है कि घटना कैसे हुई, उसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं, तथा दोषियों पर अब तक क्या कार्रवाई हुई? पुलिसकर्मियों की क्या भूमिका थी और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई के क्या कदम अब तक उठाए गए हैं? घटना के बाद तनाव रोकने के लिए पुलिस की तरफ से क्या इंतजाम किए गए?
रेप के बाद हुई हत्या
कटरा सआदतगंज के उसहैत में मंगलवार शाम शौच के लिए निकलीं 14 व 15 वर्ष की चचेरी बहनों का अपहरण कर बलात्कार करने के बाद उन्हें फांसी पर लटकाकर मार दिया गया था।
इस ह्रदयविदारक घटना में एक बिरादरी विशेष के लोग शामिल थे। सूत्रों का कहना है कि ग्रामीण शिकायत लेकर संबंधित पुलिस चौकी पहुंचे तो उन्हें भगा दिया गया।
ग्रामीणों का यह भी कहना है कि मुख्य आरोपी पुलिस चौकी में चौकी इंचार्ज के साथ ही बैठा हुआ था। इस घटना ने देशभर में सनसनी मचाने के साथ ही प्रदेश सरकार की किरकिरी कर दी थी।
उधर, राज्य महिला आयोग ने भी इस मामले को संज्ञान में लिया है। पूरे मामले की पड़ताल के लिए महिला आयोग की चेयरमैन जरीना उस्मानी ने एक टीम भेजने के आदेश दिए हैं। शुक्रवार को यह टीम घटनास्थल जाएगी। इस मामले पर जानकारी कर रिपोर्ट देगी।
ये करेंगे मामले की जांच
इस टीम में आयोग की उपाध्यक्ष जानकी पाल सदस्य अशोक पांडेय, सहायक केके पांडेय रहेंगे। वहीं बृहस्पतिवार को चेयरमैन ने एसएसपी बदायूं से प्रकरण पर अपनी रिपोर्ट देने के लिए निर्देश दिए हैं।
सरकार को पैथालॉजी रिपोर्ट का इंतजार
इस घटना की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण एंटीमार्टम हैंगिग पाया गया है। हालांकि सरकार अब इनकी पैथालॉजिकल जांच कराने जा रही है।
इस जांच के बाद यह सिद्ध होगा कि इन नाबालिग लड़कियों के साथ गैंग रेप हुआ है या नहीं। गुरुवार को विशेष सचिव गृह राघवेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि ऐसा प्रतीत होता है कि इन किशोरियों के साथ गैंगरेप हुआ है। लेकिन पैथालॉजी रिपोर्ट आने के बाद यह एकदम साफ हो जाएगा।
इस मामले में सरकार ने दोषियों को पकड़ने के लिए अपर पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में लंबी-चौड़ी टीम का भी गठन कर दिया गया है। इसमें दो पुलिस उपाधीक्षक, चार थानाध्यक्ष, आठ उपनिरीक्षक व 20 आरक्षी शामिल हैं।