सुप्रीम कोर्ट का आदेश और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साफ निर्देशों के बावजूद यूपी के पुलिस थानों में पीडि़तों की एफआईआर दर्ज नहीं हो रही है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खण्डपीठ को ऐसे ही एक मामले में दखल देना पड़ा है।
सीतापुर की श्रीमती रूबी द्वारा अपने पति प्रदीप के जरिए दाखिल हेबियस कॉर्पस में हाईकोर्ट के जज जकीउल्लाह खान ने सीतापुर जिले के अटरिया पुलिस स्टेशन के एसओ को 13 नवंबर को हाईकोर्ट में तलब किया है।
कोर्ट ने जवाब तलब किया है कि एसओ बताएं कि रूबी के मामले में उसने अब तक एफआईआर दर्ज क्यों नहीं की? एसओ को यह भी जवाब देना है कि कॉग्नीजेबल ऑफेंस होने के बावजूद महज एनसीआर क्यों दर्ज की?
ऐसे कई मामले लगातार पहले भी सामने आते रहे हैं और अखिलेश सरकार को बार-बार ऐसे मामलों को लेकर शर्मिंदा होना पड़ा है।
गंभीर सवाल यह भी है कि बदतर कानून व्यवस्था के लिए बदनाम सपा सरकार एक बार फिर उसी राह पर चलती दिख रही है। ऐसे में कहीं ये हालात चुनावी माहौल में सपा पर भारी न पड़ें।