मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि प्रदेश के हर गरीब के पास अब अपना मकान होगा।
इसमें निजी क्षेत्र में विकसित होने वाले हाईटेक टाउनशिप मददगार साबित होंगे। सरकार ने गरीबों को मुफ्त मकान उपलब्ध कराने के लिए आसरा आवास योजना शुरू की है।
इसी तरह ग्रामीण क्षेत्रों के लिए लोहिया ग्रामीण आवास योजना शुरू की गई है। लोहिया मकानों की लागत अभी 1.15 लाख है, इसे और बढ़ाने की योजना है।
वह शनिवार को सुशांत गोल्फ सिटी में आसरा एवं भरोसा आवास योजना का शुभारंभ करने के बाद संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जितना मुश्किल जीवन चलाना है उतना ही मुश्किल घर बनाना है। वर्ष 2005 में तत्कालीन मुलायम सरकार ने हाईटेक टाउनशिप योजना इसी उद्देश्य से शुरू की थी कि शहर का सुनियोजित विकास हो और जरूरतमंदों को घर मिल सके।
किसानों की जमीन बहुत सोच समझकर ली जानी चाहिए। उनकी जमीन चली जाएगी तो उनके पास कुछ भी नहीं बचेगा। गरीबों और किसानों को अनिवार्य रूप से घर उपलब्ध कराए जाएं।
अखिलेश ने कहा कि शहर बढ़ता जा रहा है। दिल्ली से लेकर कोलकाता तक देखें तो शहर बढ़ा है। इसमें लखनऊ सबसे बड़ा शहर बनता जा रहा है। हाईटेक टाउनशिप ने शहर का दायरा बढ़ाया है। चक गंजरिया में आईटी सिटी विकसित होने से दायरा और बड़ा होगा।
उन्होंने कहा, निजी विकासकर्ता लोगों को घर मुहैया कराने में मददगार साबित हो रहे हैं। हाईटेक टाउनशिप आने से लोगों को जहां मकान मिल रहे हैं, वहीं आसपास के लोगों को रोजगार भी मिल रहा है।
विकास प्राधिकरणों का दायित्व है कि जहां घर बने उसके आसपास बिजली, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा और सड़क की अच्छी व्यवस्था हो। विकास प्राधिकरणों को भी चाहिए कि संपन्न लोगों के साथ वे गरीबों के लिए भी मकान जरूर बनाएं।
गौरतलब है, भरोसा और आसरा योजना के तहत फिलहाल 5000 मकान बनाए जा रहे हैं। दो साल में 10 हजार मकान बनाने का लक्ष्य है। लखनऊ के अलावा आगरा, मेरठ, गाजियाबाद व ग्रेटर नोएडा में भी गरीबों के लिए मकान बनाए जाएंगे।
इन्हें मिली घर की चाभी
मुख्यमंत्री ने सुशांत गोल्फ सिटी में 11 लोगों को मकान की चाभी दी। भरोसा में संगीता राय, मीता सिंह, किरन त्रिपाठी, दीपक कुमार, रंजीत कर्ण, अनिल त्रिपाठी और आसरा में मधु सिंह, पूनम दीक्षित, आशा सिंह, राजीव लोचन व अर्चना सिंह को मकान की चाभी दी गई।
सरकार एक लाख बनाएगी छोटे मकान
प्रमुख सचिव आवास सदाकांत ने इस मौके पर कहा कि प्रदेश में इस वर्ष 50 हजार ईडब्ल्यूएस और एलआईजी मकान बनाने का लक्ष्य रखा गया है, लेकिन अगले साल यह लक्ष्य एक लाख होगा।
छोटे मकानों की मांग सर्वाधिक है। सरकार भी चाहती है कि गरीबों को हर हाल में मकान मिले। शहर का चारों तरफ विकास हो रहा है। चक गंजरिया से और विकास होगा। इस रूट से मेट्रो भी होकर जाएगी।